बच्चों को रूबेला से बचाने के लिए यूपी में स्कूलों पर सख्ती, आदेश नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
बहराइच। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में बच्चों को लगाए जा रहे मीजिल्स रूबेला वैक्सीन को लेकर सरकार अब स्कूलों पर सख्त हो गई है। इस वैक्सीन के कैंपेन से आनाकानी करने वाले स्कूलों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। डीआईओएस द्वारा आदेश दिए गए हैं कि रूबेला रोग से बचाव के अभियान में स्कूल भी सहयोग करें। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसी क्रम में स्वास्थ विभाग ने बहराइच जिले में छह स्कूलों को नोटिस भेज जवाब मांगा है। ये स्कूल लापरवाही दिखा रहे थे। डीआईओएस ने नोटिस जारी कर कहा कि सेवेंथ डे स्कूल में टीम के दो बार जाने पर भी महज एक बच्चे का टीकाकरण कराया गया, जो घोर लापरवाही है।
बता दें कि, बहराइच में भी मीजिल्स रूबेला टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सभी स्कूलों को पहले से ही सहयोग किए जाने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन स्कूलों से आए दिन लापरवाही मिलने की बात सामने आ रही थी। इसी को लेकर स्वास्थ विभाग ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजा था। डीआईओएस राजेंद्र पांडेय ने सीएमओ को पत्र मिलने के बाद जरवल के किसान इंटर कालेज व जय जवान जय किसान इंटर कालेज, केडीसी रोड स्थित सैनिक इंटर कालेज, पुरैना के सम्राट अशोक इंटर कालेज और प्यारेलाल विश्वकर्मा पब्लिक इंटर कालेज के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी की है। उधर सेवेंथ डे इंटर कालेज के प्रधानाचार्य को भी नोटिस जारी की गई है।

डीआईओएस ने बताया कि सेवेंथ डे स्कूल में तीस नवंबर और चार दिसंबर को टीमें गई थीं। यहां करीब 250 बच्चों का टीकाकरण होना है। इसमें महज एक बच्चे का टीकाकरण हो सका है। उन्होंने जल्द ही टीकाकरण नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी सभी स्कूलों को दी है।
क्या है रूबेला?
रूबेला रोग जीनस रूबिवायरस के वायरस द्वारा होता है। रूबेला संक्रामक है लेकिन प्राय: हल्का वायरल संक्रमण होता है। हालांकि रूबेला को कभी-कभी "जर्मन खसरा" भी कहते हैं, रूबेला वायरस का खसरा वायरस से कोई संबंधित नहीं है। इन दिनों प्रदेशभर में सरकार एक वैक्सीन लगवा रही है। जिसे मीजिल्स रूबेला वैक्सीन कहा जाता है।
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