Azamgarh: अधिवक्ता राजनारायण सिंह हत्याकांड मामले में पूर्व मंत्री समेत 4 को आजीवन कारावास की सजा
अदालत ने अंगद यादव समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। 2015 में अधिवक्ता व कांग्रेस नेता राजनारायन सिंह की हत्या का लगा था आरोप।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अधिवक्ता राज नारायन सिंह की हत्या के मामले में एमपी- एमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व मंत्री अंगद यादव शहीद को उम्र कैद की सजा सुनाई है। सन 2015 में अधिवक्ता व कांग्रेस के नेता रहे राजनारायन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पूर्व मंत्री अंगद सिंह यादव का नाम आया था, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। इस मामले में अदालत ने सात साल बाद फैसला सुनाया है।

विवाह में हुआ था विवाद, फिर मार दी गोली
दरअसल, आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के समीप ओवर ब्रिज के नीचे 19 दिसंबर की सुबह कमिश्नरी में प्रैक्टिस करने वाले कोमल कालोनी निवासी अधिवक्ता राज नारायन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी ने पूर्व मंत्री सहित अन्य लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।

दुश्मनी के कारण राज नारायन सिंह की हत्या
बताया जाता है कि अंगद यादव की पुत्री का विवाह राज नारायन सिंह ने अपने परिचित के घर में कराया था। इसी विवाह में विवाद होने के बाद अंगद यादव राज नारायण सिंह से नाराजगी रखने लगे। इसी दुश्मनी के कारण राज नारायन सिंह की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने विवेचना में यह तथ्य रखते हुए अंगद यादव, शैलेश यादव, सुनील सिंह तथा अरूण यादव के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की थी।

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शासकीय अधिवक्ता ने पेश किए 18 गवाह
इस मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा ने कुल 18 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्ष को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी अंगद यादव, सुनील सिंह, अरुण यादव व शैलेश यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना पड़ेगा।












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