UP News: बुलडोजर चला, झोपड़ी जली… स्कूल बैग को सीने से लगाकर भागी बच्ची, अखिलेश यादव ने साधा सरकार पर निशाना
UP News: अंबेडकरनगर में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक मार्मिक दृश्य सामने आया। जलते छप्पर के नीचे से एक छोटी बच्ची अपने स्कूल बैग को सीने से लगाकर भागी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। समाजवादी पार्ट प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे शेयर करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
तीन दिन पहले हुई इस कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने के लिए झोपड़ियां गिराईं। इस दौरान एक झोपड़ी में आग लग गई। मौके पर मौजूद एक बच्ची को जब एहसास हुआ कि उसका स्कूल बैग अंदर छूट गया है, तो वह बिना डरे जलते छप्पर के नीचे गई और अपना बैग लेकर बाहर निकली। इस वीडियो को देखकर लोग बच्ची की पढ़ाई के प्रति लगन की सराहना कर रहे हैं।

जलते छप्पर के नीचे से बैग लेने दौड़ी बच्ची
यह घटना जलालपुर तहसील के अरई गांव की है। प्रशासन की टीम जब झोपड़ियों को गिरा रही थी, तभी एक झोपड़ी में आग लग गई। वहां मौजूद एक छोटी बच्ची को चिंता थी कि अगर उसका स्कूल बैग जल गया तो वह आगे की पढ़ाई कैसे कर पाएगी। घरवाले शायद दोबारा किताबें खरीदने में सक्षम न हों।
जब तक अधिकारी कुछ समझ पाते, बच्ची जलती झोपड़ी में दौड़कर अंदर चली गई और अपना स्कूल बैग लेकर तेजी से बाहर आ गई। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और बच्ची की लगन को सलाम किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
इस घटना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा, "अंबेडकरनगर के एक प्रशासनिक अधिकारी अपनी शान दिखाने के लिए लोगों की झोपड़ियां गिरा रहा है और एक बच्ची अपनी किताबें बचाने के लिए जान जोखिम में डाल रही है। ये वही भाजपाई लोग हैं, जो कहते हैं 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'।"
बच्ची की पढ़ाई के प्रति लगन को देखते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष और जिला सहकारी बैंक फैजाबाद के पूर्व चेयरमैन रामशकल यादव ने मदद की पहल की है। आलापुर स्थित श्रीकृष्णा चिल्ड्रेन सेंट्रल एकेडमी रामनगर के प्रबंधक राजित राम यादव और प्रिंसिपल राधेश्याम गुप्ता ने घोषणा की है कि बच्ची को सीबीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट तक निःशुल्क शिक्षा और रहने की सुविधा दी जाएगी।
इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग बच्ची की हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस घटना को भावुक कर देने वाला बता रहे हैं और सरकार से सवाल कर रहे हैं कि आखिर गरीबों के घर उजाड़ने से पहले कोई समाधान क्यों नहीं खोजा गया।












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