Mangat Arora : अलवर से लापता स्क्रैप व्यापारी का शव रेवाड़ी में गोदाम में दफन मिला, 20 दिन में दो मर्डर
Mangat Arora : अलवर से लापता स्क्रैप व्यापारी का शव रेवाड़ी में गोदाम में दफन मिला, 20 दिन में दो व्यापारी का मर्डर
अलवर, 15 अगस्त। राजस्थान के अलवर के एक और व्यापारी की हत्या कर दी गई है। महज 20 दिन में यह दूसरा मामला है। राखी कारोबारी घनश्याम सैनी के बाद अब स्क्रैप व्यापारी मंगत अरोड़ा की जान ली गई है। मंगत अरोड़ा दस अगस्त से लापता थे। पुलिस और परिजन इनकी तलाश कर रहे थे। इस बीच हरियाणा के रेवाड़ी के एक गोदाम में इनका शव मिला है, जो दफनाया हुआ था।

व्यापारी का शव बरामद किया गया
अलवर शहर कोतवाली थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि रेवाड़ी के उत्तम नगर स्थित गोदाम की जमीन खोदकर करीब 20 फीट नीचे दफन व्यापारी का शव बरामद किया गया है। हत्या कब, किसने और क्यों की? इन सारे सवालों के जवाब पुलिस जांच में मिल सकेंगे। हालांकि हत्याकांड में रेवाड़ी के मेटल व्यापारी अंकित भलिया का नाम सामने आ रहा है।

मंगत अरोड़ा स्क्रैप का कारोबार करते थे
अलवर कोतवाली पुलिस थाने में मंगत अरोड़ा के भाई गोवर्धन अरोड़ा ने एक रिपोर्ट देकर बताया था कि मंगत अरोड़ा स्क्रैप का कारोबार करते थे। पिछले दिनों वे कारोबार और कलेक्शन के सिलसिले में बाइक से रेवाड़ी गए थे। वहां से वापस नहीं लौटे। उनके पास 12 लाख रुपए थे। उनके फोन बंद आने पर परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने अपने स्तर पर ही तलाश शुरू की। कोई कामयाबी नहीं मिली तो परिजनों ने कोतवाली पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई।

अंकित ठठेरा के यहां स्क्रैप का हिसाब करने गये थे
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आखिरी मोबाइल लोकेशन भी देखी, जो हरियाणा के रेवाड़ी की आ रही थी। फिर पुलिस जांच में पता चला कि मंगत अरोड़ा रेवाड़ी में संगी वाडा में अंकित ठठेरा के यहां स्क्रैप का हिसाब करने गये थे। वहां से 12 लाख रुपये लेकर अलवर के लिए रवाना हुये थे। इसके बाद की कोई लोकेशन नहीं मिलने पर पुलिस ने अपहरण के एंगल से मामले की जांच शुरू की।

अरोड़ा का दफन शव बरामद किया गया
इस मामले में रविवार को रेवाड़ी पुलिस को सुराग हाथ लगा। उसी के आधार पर गोदाम पहुंचे और आरोपी की निशानदेही पर अरोड़ा का दफन शव बरामद किया गया। मीडिया की खबरों में बताया जा रहा है कि मंगत अरोड़ा रेवाड़ी के जिस व्यापारी से पेमेंट लेने गए थे उसी ने अपने दो कर्मचारियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।

व्यापारी बदमाशों के निशाने पर
इधर, अलवर व्यापार महासंघ अध्यक्ष रमेश जुनेजा ने चिंता जताई कि यहां के व्यापारी बदमाशों के निशाने पर हैं। पूर्व में जिला कलेक्टर से व्यापारियों के लिए गन लाइसेंस की मांग की गई थी लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। व्यापारियों की हत्या के अलावा उनके साथ लूट की भी कई वारदातें हो चुकी हैं।












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