BJP नेता ज्ञानदेव आहूजा ने VIDEO में स्वीकारी लिंचिंग में 5 मर्डर करवाने की बात, FIR के बाद अब नोटिस
अलवर, 22 अगस्त। राजस्थान के दिग्गज भाजपा नेता व पूर्व एमएलए ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अलवर पुलिस ने रविवार को नोटिस जारी कर आहूजा को अपना पक्ष रखने को भी कहा है। इन पर कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के कुछ दिन बाद की गई जिसमें ये स्वीकार कर रहे हैं कि इनके समर्थकों ने लिंचिंग पांच लोगों की हत्या की है। इन पर नफरत और दुश्मनी भड़काने का आरोप है।

वीडियो क्लिप को फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजी
अलवर एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ आईपीएस की धारा 153 (A) के तहत केस दर्ज किया गया है। रविवार को उनको नोटिस भी जारी किया है। वीडियो क्लिप को फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा है। ज्ञानदेव आहूजा को अपना पक्ष रखने को कहा गया है अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Recommended Video

ट्रैक्चर चोरी के शक में ली चिरंजी लाल की जान
गोविंदगढ़ एसएचओ शिवशंकर ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद केस दर्ज किया है। ज्ञानदेव आहूजा 45 वर्षीय चिरंजी लाल सैनी के घर उनके परिजनों को सांत्वना देने गए थे। चिंरजी लाल सैनी को मेव मुस्लिम समुदाय सदस्यों द्वारा ट्रैक्टर चोरी के आरोप में पीटा गया था। गंभीर रूप से घायल चिरंजी लाल को जयपुर अस्पताल में लाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आहूजा बोले-पहली बार हमारा आदमी मारा गया
वायरल वीडियो में ज्ञानदेव आहूजा की टिप्पणी इसी घटना के संदर्भ में थी। वीडियो में आहूजा लोगों के एक समूह से सैनी की लिंचिंग के खिलाफ आंदोलन शुरू करने के लिए कह रहे थे। साथ ही यह भी कहा कि हम लिंचिंग में लावंडी व बहरोड़ समेत कई जगहों पर पांच लोगों को मार चुके हैं। यह पहली बार हुआ है कि उनकी तरफ से हमारे किसी आदमी को मारा गया है। मैंने अपने समर्थकों को खुली छूट दे रखी है कि मारने की। हम उनकी जमानत करवा लेंगे।

पार्टी की यह सोच नहीं-संजय सिंह नरुका
ज्ञानदेव आहूजा के इस वायरल वीडियो पर बवाल मच गया। विवाद के बाद भाजपा के अलवर (दक्षिण) प्रमुख संजय सिंह नरुका ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि पार्टी की 'यह सोच नहीं है'। रामगढ़ के पूर्व विधायक ने संकल्प लिया कि गौ तस्करी और वध में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

गायों की रक्षा करना कर्तव्य
पूर्व विधायक ने दावा किया कि जब वे एक साथ बैठे थे। तब आरएसएस के एक स्थानीय नेता ने सैनी की लिंचिंग के विरोध में आवाज उठाने के लिए आंदोलन शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि 'यह मेव लोग हैं, जो गायों की तस्करी और वध करते हैं और हिंदुओं में गायों के लिए भावनाएं हैं, इसलिए, वे ऐसे तस्करों को निशाना बनाते हैं' उन्होंने कहा कि अपने कार्यकर्ताओं की रक्षा करना उनका कर्तव्य था।

भाजपा का असली चेहरा उजागर
इधर, मामले में कांग्रेस ने भी निशाना साधा। राजस्थान कांग्रेस प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि इसने भाजपा का असली चेहरा उजागर कर दिया है। भाजपा के धार्मिक आतंक और कट्टरता के लिए और क्या सबूत चाहिए? बीजेपी का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।












Click it and Unblock the Notifications