कुंभ मेला 2019 : टिकट लेने और भाषा से अब आपको जूझने की जरूरत नहीं, रेलवे ने शुरू की नई पहल

Allahabad News(इलाहाबाद)। यूपी के इलाहाबाद में लगने वाले कुंभ मेले के दौरान दर्शनार्थियों व श्रद्धालुओं के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ी पहल की है, जिससे उन्हें कुंभ नगरी में भाषा की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। देश के कोने-कोने से आने वाले दर्शनार्थियों व श्रद्धालुओं में ऐसे बहुत से लोग होंगे जिन्हें खड़ी बोली हिंदी बोलना या लिखना नहीं आता होगा, लेकिन वह यहां पर आने के बाद खुद को असहज महसूस नहीं करेंगे और ना ही उन्हे इस बात को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्हें उनकी क्षेत्रीय भाषा में मदद देने का इंतजाम किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन से लेकर कुंभ मेला क्षेत्र में ऐसे मददगार मिल जाएंगे जो ना सिर्फ उनकी भाषा की समस्या को हल कर देंगे बल्कि मौके पर ही हर तरह की त्वरित मदद भी उपलब्ध कराएंगे।

5 हजार रेल कुंभ सेवकों की होगी तैनाती

5 हजार रेल कुंभ सेवकों की होगी तैनाती

दरअसल कुंभ मेले के दौरान भारतीय रेलवे अपने यात्रियों व श्रद्धालुओं को सुविधाओं का एक और बड़ा तोहफा दे रहा है। रेलवे कुंभ के लिए विशेष तौर पर 5000 रेल कुंभ सेवकों की तैनाती कर रहा है। यह रेल कुंभ सेवक पूरे देश भर के अलग-अलग 10 जोनों से इलाहाबाद भेजे जा रहे हैं। यह अपने-अपने क्षेत्रों की क्षेत्रीय भाषा को बखूबी जानते वह समझते हैं, जिससे वह कुंभ क्षेत्र में आने वाले अपने राज्यों के श्रद्धालुओं की भाषा की समस्या से लेकर अन्य विशेष सुविधाएं उन्हें मुहैया करा सकेंगे। रेलवे इसके साथ ही कुंभ सेवकों की संख्या बढ़ाने के लिए स्वयंसेवी संगठनों की भी मदद ले सकता है और उन्हें भी कुंभ सेवकों के तौर पर अपने साथ जोड़ कर कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की मदद करेगा।

कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी

कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी

भारतीय रेलवे ने अपनी इस खास योजना के तहत अब तक 5100 से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी इलाहाबाद में लगा दी है। इसमें रेलवे सुरक्षा बल के 2600, वाणिज्य विभाग के 1500 और अन्य विभाग के 1000 रेल कर्मचारी शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि रेलवे के सभी कर्मचारी देश के अलग-अलग हिस्सों से हैं और अपनी क्षेत्रीय भाषा में यह खास एक्सपर्ट हैं। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी गौरव कृष्ण बंसल ने बताया कि रेल कुंभ सेवक के रूप में 4100 रेलकर्मी और 1000 स्वयं सेवक को तैनात किया जा रहा है।

ऐसे होगी रेलवे कर्मचारियों की पहचान

ऐसे होगी रेलवे कर्मचारियों की पहचान

रेल कुंभ सेवक के तौर पर कुंभ नगरी में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को विशेष ड्रेस भी दी जाएगी, जिससे यह भीड़ में भी अलग नजर आएंगे और श्रद्धालु आसानी से इन से मदद भी मांग सकेंगे। सीपीआरओ के अनुसार रेल कुंभ सेवकों को एक विशेष व अलग रंग की जैकेट पहनने के लिए दी जाएगी। जो इनका ड्रेस कोड होगा। इस जैकेट पर रेल कुंभ सेवक बड़े अक्षरों में लिखा हुआ होगा और कुंभ का लोगो भी इस पर छापे जाने का प्लान बनाया गया है। हालांकि जैकेट किस कलर की होगी अभी यह फाइनल नहीं हो सका है, लेकिन दिसंबर के आखिरी सप्ताह में इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा और जनवरी के पहले सप्ताह के अंत और दूसरे सप्ताह के बीच में ही सभी रेल कुंभ सेवक अपनी ड्यूटी पर तैनात हो जाएंगे।

टिकट भी देंगे रेल कुंभ सेवक

टिकट भी देंगे रेल कुंभ सेवक

कुंभ मेले के लिए विशेष तौर पर लगाए जा रहे रेल कुंभ सेवकों के पास हैंड-हेल्ड टिकट वेंडिंग मशीन भी होगी। इससे वह मेला क्षेत्र में यात्रियों को मौके पर ही अनारक्षित रेलवे टिकट भी काट सकेंगे। इस योजना के पीछे का जो सबसे बड़ा कारण है वह यह है कि कुंभ के दौरान रेलवे स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ होगी। ऐसे में कुंभ रेल सेवक परेशान लोगों को टिकट प्रदान करने के लिए बेहद ही कारगर साबित होंगे। इन रेल कुंभ सेवकों के पास ऑफलाइन हैंड-हेल्ड टिकट वेंडिंग मशीन होगी। जो चंद सेकंड में मेला क्षेत्र में यात्रियों को अनारक्षित रेलवे टिकट उपलब्ध करा देगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+