यूपी: इलाहाबाद में निषेधाज्ञा लागू, पढ़िए किन चीजों पर होता है प्रतिबंध
भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के उल्लंघन करने वाले को आइपीसी की धारा-188 के अंतर्गत दण्डित किया जायेगा।
इलाहाबाद। इलाहाबाद में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। निषेधाज्ञा तत्काल प्रभाव से 25 जनवरी तक लागू रहेगी। मजिस्ट्रेट पुनीत शुक्ल ने चुनाव आचार संहिता, माघ मेला, जनपद में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के चलते यह आदेश दिया है। भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के उल्लंघन करने वाले को आइपीसी की धारा-188 के अंतर्गत दण्डित किया जायेगा। ये भी पढ़ें: माघ मेले का पहला स्नान आज, आस्था की डुबकी के लिए 50 लाख श्रद्धालु पहुंचे संगम नगरी

भावनाओं को आहत करने पर प्रतिबंध
निषेधाज्ञा के प्रतिबंध के तहत कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई कार्य नहीं कर सकता जिससे किसी की भावना आहत हो। प्रतिबंध में लिखकर, बोलकर अथवा किसी प्रतीक के माध्यम से किसी धर्म, संप्रदाय, जाति या सामाजिक वर्ग एवं राजनीतिक दल, उम्मीदवार, राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भावना आहत नहीं की जा सकती। न ही ऐसा कोई कृत्य हो जिससे किसी वर्ग, दल या व्यक्तियों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो।
व्यक्तिगत टिप्पणी पर रोक
निषेधाज्ञा के लागू होने से कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन से संबंधित पहलुओं पर आलोचना नहीं कर सकता। हालांकि नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व के इतिहास व कार्य पर सीमित दायरे में किया जा सकता है।
धार्मिक स्थल पर प्रचार प्रतिबंधित
धार्मिक स्थल भी निषेधाज्ञा के दायरे में होंगे। कोई भी व्यक्ति, उम्मीदवार मत प्राप्त करने के लिए पूजा स्थलों, जैसे कि मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरूद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन में प्रचार व अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यो में नहीं कर सकता। न ही जातीय, सांप्रदायिक और धार्मिक भावना का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहारा लेगा।
चुनावी प्रतिबंध का दायरा
निषेधाज्ञा में चुनावी प्रक्रिया को विशेष तौर पर जोड़ा गया है। जिसमें कोई भी व्यक्ति, कोई भी उम्मीदवार निर्वाचन विधि के अंतर्गत भ्रष्ट आचरण, अपराध माने गये कार्यो को नहीं करेगा। उम्मीदवार किसी चुनाव सभा में न तो कोई गड़बड़ी करेगा और न ही करवायेगा। मतदाता को रिश्वत देकर या डरा-धमकाकर या आतंकित करके अपने पक्ष में मत देने के लिए प्रभावित नहीं करेगा।

प्रदर्शन पर प्रतिबंध
निषेधाज्ञा में पुतला लेकर चलने, सार्वजनिक स्थानों पर जलाने अथवा इस प्रकार के अन्य कृत्य, प्रदर्शन व इसका समर्थन प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी उम्मीदवार किसी भी उम्मीदवार या उम्मीदवारों के व्यक्तिगत विचार, मत, कृत्य का विरोध उसके निवास के सामने कोई भी प्रदर्शन या धरना आयोजित करके नहीं करेगा।
निषेधाज्ञा के अन्य बड़े प्रतिबंध
निषेधाज्ञा के अन्य मुख्य प्रतिबंधों में चुनाव प्रचार हेतु किसी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते, दीवार का उपयोग झंडा लगाने, झंडियां टांगने या बैनर लगाने जैसे कार्य उस व्यक्ति की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। शासकीय, सार्वजनिक स्थल, भवन, परिसर में विज्ञापन, दीवार पर लिखना और न ही कट-आउट, होर्डिंग, बैनर आदि नहीं लगाया जा सकते। न ही किसी प्रकार से गंदा किया जा सकता है।
कोई भी उम्मीदवार किसी अन्य उम्मीदवार के पक्ष में आचार संहिता का उल्लंघन कर लगाये गये झंडे या पोस्टरों को स्वयं न तो हटायेगा और न ही हटवायेगा। चुनाव प्रचार हेतु जिला प्रशासन की अनुमति के बिना वाहनों का प्रयोग, लाउड स्पीकर एवं साउंड बॉक्स का प्रयोग नहीं होगा न ही यह स्थाई रूप से और न ही रात्रि 10.00 बजे के बाद और प्रातः 6.00 बजे के पूर्व प्रयोग होगा। कोई भी उम्मीदवार सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त किए बिना टी. वी. चैनल, केबिल नेटवर्क, वीडियो वाहन अथवा रेडियो से किसी प्रकार का विज्ञापन का प्रचार नहीं करेगा।

कोई भी मुद्रक या प्रकाशक या कोई व्यक्ति ऐसी कोई निर्वाचन, प्रचार सामग्री जिसके मुख पृष्ठ पर उसके मुद्रक व प्रकाशक का नाम और पता न हो मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा और न ही मुद्रित या प्रकाशित करायेगा। फोटोग्राफी भी मुद्रण के बाहर नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति प्रत्याशियों की अनुमति के बिना उनके पक्ष में निर्वाचन विज्ञापन या प्रचार सामग्री प्रकाशित नहीं करेगा। पूर्वानुमति के बिना सभा, रैली, जुलूस का आयोजन, सभाओं, जुलूसों आदि में किसी भी प्रकार से बाधा या विघ्न अथवा यातायात में बाधा उत्पन्न नहीं करेगा।
जुलूसों और सभाओं या रैलियों में असलहे, लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर आदि लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। कोई भी व्यक्ति, उम्मीदवार मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व सार्वजनिक सभा व चुनाव प्रचार नहीं करेगा तथा टी. वी. केबिल चैनल, रेडियो, प्रिंट मीडिया आदि द्वारा भी चुनाव प्रचार, विज्ञापन उक्त अवधि के पश्चात नहीं किया जायेगा तथा माघ मेला क्षेत्र में शराब पूर्णतः प्रतिबंधित है। कोई भी व्यक्ति शराब न तो पियेगा और न ही किसी को पिलायेगा। ये भी पढ़ें: रायबरेली: असलहों के प्रदर्शन पर हुई भाजपा नेता पर कार्रवाई












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