बसपा के कद्दावर नेता कलेक्टर पांडेय भाजपा में हुए शाामिल, गठबंधन को लगा झटका
Prayagraj News, प्रयागराज। कांग्रेस द्वारा योगेश शुक्ला के रूप में भाजपा को यमुनापार इलाके में बड़ा झटका दिये जाने के बाद भाजपा ने भी डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। भाजपा ने भी यमुनापार के कद्दावर नेता और विधायक रहे आनंद कुमार उर्फ कलेक्टर पांडेय व पूर्व पीएम चंद्रशेखर के सहयोगी रहे वरिष्ठ नेता मुकेश जायसवाल को तोड़कर अपनी टीम में शामिल कर लिया है। कलेक्टर पांडेय रविवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुये। अमित शाह ने कमल पट्टी के साथ पांडे व मुकेश जायसवाल का स्वागत किया और भाजपा की जीत के लिये स्तंभ बनने के लिय जी जान से चुनाव में जुटने को कहा। फिलहाल सपा बसपा गठबंधन को चुनाव से पहले यह बड़ा झटका काफी नुकसानदेह होगा और अभी तक यमुनापार इलाके में बढ़त बना रहे गठबंधन को फिर से अपनी रणनीति सेट करनी पड़ेगी।

कौन हैं कलेक्टर पांडेय
प्रयागराज के यमुनापर इलाके में बसपा की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले कलेक्टर पांडेय जमीनी नेता माने जाते हैं। ब्राह्मण वोटों के साथ पिछडे व दलितों के साथ इनकी जुगलबंदी से कई बार माहौल बदला है। 2007 में यह बसपा के टिकट पर विधायक चुने गये, लेकिन पिछला चुनाव वह सपा के गामा पांडे से बेहद ही मामूली अंतर से हार गये थे। घर-घर पहुंच बनाने वाले कलेक्टर पांडेय के पास न सिर्फ जन समर्थन है, बल्कि अपनी छवि पर वोट खींचने की क्षमता भी है। अब कलेक्टर पांडेय के सहारे भाजपा योगेश शुक्ल के तौर पर हुये नुकसान की भरपाई करेगी।
दोबारा आये भाजपा में
2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी से टिकट की चाहत में कलेक्टर पांडेय ने बसपा छोड़ दी थी और केशव मौर्य की अगुवई में भाजपा ज्वाइन कर ली थी। तब कलेक्टर पांडेय मेजा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। लेकिन मेजा से जब नीलम करवरिया को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया तो 17 दिन बाद ही कलेक्टर पांडेय ने भाजपा छोड़ दी थी। लेकिन एक बार फिर से चुनाव से पहले कलेक्टर पांडेय की वापसी भाजपा में हुई हैं। ऐसे में भाजपा को जहां ताकत मिलेगी वहीं इस चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर कलेक्टर पांडे आगमी चुनाव में अपनी दावेदारी भी करेंगे।
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