• search
इलाहाबाद / प्रयागराज न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

गैंगरेप मामले में पूर्व मंत्री मनोज पारस की जमानत खारिज, भेजे गए जेल

|

Prayagraj News, प्रयागराज। इलाहाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैंगरेप के आरोपी पूर्व मंत्री व बिजनौर के नगीना से विधायक मनोज पारस की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मनोज पारस फिलहाल प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में है। वहीं, इस मामले में दूसरी खबर यह है कि अन्य तीन आरोपियों ने भी जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने जेल में बंद अन्य तीनों आरोपियों की भी जमानत याचिका खारिज कर दी। जमानत याचिका पर सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी कर रहे हैं।

1 जून को भेजा था जेल

1 जून को भेजा था जेल

गौरतलब है कि 1 जून को गैंगरेप के मामले में गिरफ्तारी वारंट खारिज कराने के लिये मनोज पारस ने प्रयागराज की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया था। जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लंबे समय से मुकदमें में जारी वारंट की अनदेखी करने व सुनवाई में सहयोग न करने पर गहरी नाराजगी जताई। ढाई घंटे तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने के बाद पूर्व मंत्री की ओर से जमानत अर्जी दी गयी, जिसे ने खारिज करते हुये उन्हें नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया था। इस मामले में अगली सुनवाई 4 जून को हुई तो कोर्ट ने गैंग रेप को जघन्य अपराध मानते हुये विधायक को किसी भी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।

क्या है मामला

क्या है मामला

उत्तर प्रदेश के पूर्ववती अखिलेश सरकार में राज्य मंत्री रहे मनोज पर 13 जून 2007 को बिजनौर जिले के नगीना थाने में मुकदमा लिखा गया था। आरोप था कि सरकारी कोटे की सस्ते गल्ले की दुकान दिलाने के नाम पर एक युवती को उन्होंने अपने घर बुलाया था और फिर अपने साथियों के साथ उससे शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया और जब युवती ने विरोध किया तो उसके साथ गैंगरेप किया गया। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस चार्जशीट दाखिल की तो मामला बिजनौर की जिला अदालत में सुना जाने लगा। मुकदमे में हाजिर होने के लिये सपा विधायक मनोज परास के विरूद्ध वारंट जारी किया गया, लेकिन वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुये।

स्पेशल कोर्ट पहुंचा मामला

स्पेशल कोर्ट पहुंचा मामला

इधर यह मामला ट्रांसफर होकर प्रयागराज की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट पहुंचा तो यहां भी मनोज पारस सुनवाई पर वह हाजिर नहीं हुये। इस पर कोर्ट ने सख्ती शुरू की तो शनिवार को मनोज ने कोर्ट में सरेंडर किया। जहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गयी। कोर्ट ने कार्रवाई में सहयोग न करने व समय बर्बाद करने पर उन्हें जमानत नहीं दी और जेल भेजे जाने का आदेश दिया। जिसके बाद मनोज पारस को नैनी सेंट्रल जेल ले जाया गया है, जहां वह अगली सुनवाई तक पाबंद रहेंगे। गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व मंत्री के साथ नामजद अभियुक्तगण जयपाल, अस्सू और कुंवर सैनी पहले से ही जेल में बंद हैं और अब मनोज पारस को भी जेल में ही रहना होगा।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
ex minister manoj paras bail application rejected
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X