बजरंग बली मुद्दे पर बोले केशव मौर्य, आजम खान हमारी भावनाएं ना भड़काएं, नहीं तो....
Prayagraj news, प्रयागराज। प्रयागराज में रविवार की शाम अपने दोनों लोकसभा प्रत्याशियों से गुपचुप बातचीत व अन्य कार्यक्रमों के निपटारे के बाद मीडिया के सामने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा और बसपा पर जमकर निशाना साधा। बजरंग बली मुद्दे पर आजम खान को निशाना बनाते हुए कहा कि आजम खान कान खोलकर सुन लें, वे हमारी भावनाओं को न भड़काएं। अगर वह हमारी भावनाओं को भड़काने का प्रयास करेंगे तो उनके खिलाफ काननू कार्रवाई तो होगी ही, रामपुर की जनता भी उन्हें इस लोकसभा चुनाव में करारा जवाब देगी। केशव मौर्य ने कहा कि हनुमानजी हमारे आराध्य हैं और आजम खान को इस बात को कान खोलकर समझ लेना चाहिए।

मायावती ने बाबा साहब के अनुयायियों के साथ धोखा किया है
वहीं, मायावती पर निशाना साधते हुये मौर्य ने कहा कि जिस आजम खान ने बाबा साहब को भू माफिया कहा था आज उसी आजम खान को मायावती समर्थन दे रही हैं। केशव ने मायवती के पुराने नारे 'चढ़ गुडों की छाती पर, बटन दबेगा हाथी' वाले बयान को दोहराते हुए कहा कि अब यह नारा मायावती के लिए अहमियत नहीं रखता, क्योंकि अब मायवती को गुंडे और बाहुबली ही अच्छे लग रहे हैं। ऐसे लोगों का समर्थन कर मायावती ने बाबा साहब के अनुयायियों के साथ धोखा किया है।
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व्यंग्य कटाक्ष भी करते रहे केशव
प्रयागराज जिले में अंबेडकर जयंती मनाने के लिए पहुंचे केशव मौर्य ने फूलपुर की प्रत्याशी केशरी पटेल व इलाहाबाद की प्रत्याशी रीता जोशी से गुपचुप तौर पर लंबी बातचीत की और उसके बाद प्रेस कांफ्रेंस में विरोधी पार्टियों के नाम पर चुटकी लेते हुए व्यंग्य कटाक्ष भी करते नजर आये। प्रेस कांफ्रेंस में केशव ने बसपा को ‘बिल्कुल समाप्त पार्टी' और सपा को ‘समाप्त पार्टी' और रालोद को ‘रोज लुढ़कता दल' कहा। केशव मौर्य ने कहा कि सपा-बसपा का गठबंधन कहीं भी नहीं जीतेगा और अगर एक भी सीट उसे मिली तो वह सिर्फ कांग्रेस की वैशाखी होगी। भारतीय जनता पार्टी का चुनाव विकास के लिऐ है, जो गुंडागर्दी और जातिवाद के खिलाफ है। हर वर्ग के लोगों ने नरेंद्र मोदी के गले में विजय की माला पहना दी है। गठबंधन जाति के आधार पर बस मुंगेरी लाल के सपने देखे। केशव ने नारा दिया कि '23 मई..... सपा, बसपा कांग्रेस गई।

नब्ज टटोलते रहे केशव
प्रयागराज पहुंचे केशव मौर्य का दौरा भले ही कयी कार्यक्रमों गूथा रहा। लेकिन, उनका असली काम यहां कार्यकर्ताओं और नेताओं की नब्ज टटोलना था। टिकट को लेकर नाराज लोगो की हकीकत जानने व सभी तरफ से मिलने वाले सपोर्ट की एक एक जानकारी केशव मौर्य ने अकेले में दोनों प्रत्याशियों से ली और हर हाल में जीतने के लिऐ कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। कार्यकर्ता सम्मेलन में भी केशव ने जान फूकते हुये कहा कि वह जीत से कम कुछ भी नहीं चाहते। केशव मौर्य ने इलाहाबाद संसदीय सीट व फूलपुर के लिऐ चुनाव में अलग अलग भूमिका निभाने वाली टीमों से ग्राउंड रिपोर्ट भी ली और जहां पर कमजोरी नजर आयी है। या नाराजगी है, वहां अब खुद केशव मौर्य पहुंच कर जनसभा करेंगे। चूंकि इलाहाबाद व फूलपुर दोनों सीटों के टिकट केशव मौर्य की मर्जी व प्रस्ताव पर दिये गये हैं तो उन पर हर हाल में उनके गृह नगर की सीट जीतने का दबाव है। केशव कौशांबी समेत इन दोनों सीटों को जीतकर अपना कद वापस पिछले लोकसभा चुनाव की तरह बढ़ाने में जुटे हुए हैं।

'23 मई, सपा-बसपा, कांग्रेस गई' का दिया नारा
जाति समीकरण के आधार पर सपा-बसपा ने गठबंधन बनाकर यूपी की राजनीति मुंगेरी लाल के सपने देखने का काम किया है। जो काम कांग्रेस की सरकार ने केंद्र में 660 महीने में एवं सपा बसपा की सरकार ने प्रदेश में 180 महीने में किया, उससे कहीं ज्यादा काम केंद्र में मोदी ने 55 और प्रदेश में योगी ने महज 24 माह में ही पूरा कर दिया। केशव ने दावा किया इस बार कांग्रेस रायबरेली और अमेठी सीट हार रही है। अंत में उन्होंने यह भी कहा कि ‘23 मई, सपा, बसपा, कांग्रेस गई'।












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