पैरोल के लिए बाहुबली अतीक अहमद पहुंचे हाईकोर्ट, आज होगी फैसले पर सुनवाई
Prayagraj News, प्रयागराज। वाराणसी संसदीय सीट से पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में नामांकन दाखिल करने वाले पूर्व सांसद व बाहुबली अतीक अहमद (atiq ahmad) इलाहाबद हाईकोर्ट पहुंच गए है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर एक बार फिर अतीक ने पैरोल पर रिहा करने की मांग की है। अतीक अहमद की याचिका पर मंगलवार (7 मई) को सुनवाई होगी। बता दें कि अतीक इससे पहले भी एक पैरोल की याचिका दाखिल कर चुके है। जिस पर सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के जज पवन तिवारी ने अतीक को पैरोल देने से इनकार कर दिया था।

सुनवाई से हटी जज
हालांकि अतीक की याचिका जिस कोर्ट में दाखिल हुई, वहां की जज न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने खुद को इस याचिका की सुनवाई से अलग कर लिया है। जिसके कारण अतीक की याचिका पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी। याचिका पर आज दूसरे न्यायाधीश सुनवाई करेंगे और यह मामले पर अपना फैसला सुनायेंगे। संभावना है कि अतीक को प्रचार के लिये पैरोल मिल जाये। हालांकि अतीक के मुकदमों की लंबी फेरहिस्त उनकी पैरोल में सबसे बड़ी बाधा है। ऐसे में जब हाईकोर्ट की सख्ती के कारण ही अतीक अहमद गिरफ्तार किये गये थे, अब उन्हे हाईकोर्ट कितना राहत देगी, यह देखने वाला विषय होगा।

स्पेशल कोर्ट के फैसले को चैलेंज
अतीक अहमद के वकील दयाशंकर मिश्र ने बताया कि स्पेशल कोर्ट ने अतीक की पैरोल याचिका को पोषणीय ही नहीं माना। जबकि यह सही नहीं है। क्योंकि एक विचाराधीन कैदी को धारा 439 के तहत यह अधिकार प्राप्त है कि वह पैरोल के लिये अदालत में अर्जी दे सकता है और पैरोल के लिये पर्याप्त वजह हो तो अदालत पैरोल देने से इन्कार नहीं करती। ऐसे में जब अतीक अहमद वाराणसी से चुनाव लड़ रहे हैं और यह उनका अधिकार है तो उन्हें प्रचार प्रसार के लिये अदालत को पैरोल देनी चाहिये। वकील दयाशंकर ने बताया कि स्पशेल कोर्ट ने धारा 389 का जिक्र करते हुये अतीक की अर्जी खारिज कर दी थी और बताया कि इस धारा में केवल सजायाफ्ता कैदी को ही पैरोल के लिये आवेदन करने का आधिकार है और अतीक अभी तक किसी भी मामले में सजायाफ्ता नहीं हैं। फिलहाल हाईकोर्ट में धारा 439 सीआरपीसी के तहत अर्जी दी गयी है, जिस पर उन्हे पैरोल मिलना पूरी तरह से संभावित है।

नैनी जेल से जाना है गुजरात
नैनी जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद को गुजरात जेल भेजे जाने का आदेश पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। जिसके बाद से अतीक अहमद की मुश्किल और बढ गयी है। माना यह जा रहा है कि अगर अतीक को गुजरात जेल ले जाया गया तो उनका बचा खुचा वर्चस्व भी खत्म हो जायेगा। वैसे भी अतीक के राजनैतिक कैरियर को लगभग विराम मिल गया है और अगर वह पैरोल पर बाहर ना आये तो वाराणसी से भी उनके बुरी तरह हारने के हालात बन गये हैं। इससे पहले फूलपुर के उपचुनाव में करारी हाल झेल चुके अतीक को पिछली बार भी जमानत नहीं मिल पायी थी। इस बार वह फूलपुर से चुनाव नहीं लड रहे और आखिरी समय में वाराणसी से चुनाव के लिये नामांकन दाखिल कर एक बार फिर से लाइमलाइट में आ गये हैं।
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