दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी होंगे पुरानी पेंशन के हकदार, इलाहाबाद HC का बड़ा फैसला
प्रयागराज, 10 जनवरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की नियुक्ति अगर नई पेंशन योजना लागू होने से पहले हुई है तो वह पुरानी पेंशन पाने का हकदार होगा, भले ही उसका नियमितीकरण नई पेंशन योजना आने के बाद क्यों न हुआ हो। कोर्ट ने कहा कि पेंशन और रिटायरमेंट जनित लाभ के लिए नियुक्ति की तारीख अहम है। कर्मचारी की नियुक्ति उसी तारीख से मानी जाएगी, जिस दिन से वह सेवा में आया है।इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस सरल श्रीवास्तव की सिंगल बेंच ने नगर निगम प्रयागराज के कर्मचारी कमालुद्दीन के मामले में यह फैसला दिया है।

याची की नियुक्ति 1989 में दैनिक वेतनभोगी के तौर पर ही हुई थी
यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने नगर निगम प्रयागराज के कर्मचारी कमालुद्दीन के मामले में दिया है। कोर्ट के समक्ष यह प्रश्न उठा कि एक अप्रैल 2005 के बाद सेवा में नियमित हुए कर्मचारी को पुरानी पेंशन के लिए हकदार माना जाएगा या नहीं। याची की नियुक्ति 1989 में ही दैनिक वेतनभोगी के तौर पर हुई थी, लेकिन उसका नियमितीकरण 2008 में हुआ। जबकि अप्रैल 2005 से पुरानी पेंशन योजना समाप्त हो चुकी है। ऐसे में विभाग ने उसे पुरानी पेंशन पाने का हकदार नहीं माना।
ऐसे में हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रेम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और कौशल किशोर चौबे केस में पारित सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर विचार किया। इनमें कहा गया कि दैनिक वेतनभोगी के तौर पर दी गई सेवा पेंशन लाभ में जोड़ी जानी चाहिए। इसी प्रकार इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अन्य विशेष अपील में कहा है कि पुरानी पेंशन या नई पेंशन का निर्णय करने में कर्मचारी की नियुक्ति की तारीख अहम है।












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