6 साल की छात्रा के साथ स्कूल के बाथरूम में टीचर ने किया रेप, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
प्रयागराज। प्रयागराज जिले के मऊआइमा इलाके में 5 साल पहले हुए 6 साल की छात्रा से रेप मामले में सेशन कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध में आरोपी टीचर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने आरोपी टीचर बालकृष्ण शर्मा पर 10 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि, शिकायत के बाद परिजनों से दुर्व्यवहार करने व आरोपी टीचर के खिलाफ कार्रवाई समेत नैतिक जिम्मेदारी न निभाने वाले स्कूल के प्रिंसिपल राम कैलाश मौर्य को भी दोषी मानते हुए एक वर्ष कारावास की सजा से दंडित किया है।

क्या था मामला
प्रयागराज जिले के मऊआइमा इलाके के रहने वाले एक परिवार ने क्षेत्र के ही एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में अपनी 6 साल की बेटी का एडमिशन केजी क्लास में कराया था। 25 नवंबर 2014 की शाम जब छात्रा घर लौटी तो उसको उल्टी होने लगी और अचानक उसकी तबीयत बिगड गई। घबराई छात्रा ने डर-डर कर बिलखते हुए अपनी मां से टीचर की करतूत बताई तो मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटी ने बताया कि टीचर उसे रोज बाथरूम में ले जाकर उसके शरीर को रगड़ता और दबाता था। कभी कभी उसके कपड़े भी उतार देता था। रोज ही वह ऐसा करता था और किसी से कुछ न बताने की धमकी भी देता। टीचर छात्रा को धमकाता की अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे बहुत पीटेगा। मार खाने के डर से बच्ची चुपचाप सब सह रही थी।
दर्ज कराया मुकदमा
बेटी की खौफनाक आपबीती सुनने के बाद अगले दिन यानी 26 नवंबर 2014 को परिजन शिकायत करने स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल राम कैलाश मौर्य ने परिजनों को ही बुरा भला कहा और गाली गलौज करते हुए स्कूल से भगा दिया। परिजनों ने अपने कुछ परिचितों की मदद से थाने पर गुहार लगाई और आरोपी टीचर व प्रिंसिपल के विरूद्ध मऊआइमा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की और चार्ज शीट सेशन कोर्ट में दाखिल की। जिस पर ट्रायल पूरा होने के बाद गवाही हुई और अब उसी मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुये आरोपी टीचर व प्रिंसिपल को सजा सुनाई है। मुकदमे पर सुनवाई अपर सेशन जज आलोक कुमार शुक्ल ने की। मुकदमे पर सरकारी वकील श्रीप्रकाश शुक्ल व देवीशंकर मिश्र की दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर यह सजा सुनाई है।












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