मुजफ्फरनगर के बाद Aligarh के इस ऐतिहासिक मंदिर में जारी हुआ ड्रेस कोड, मुस्लिमों की एंट्री पर लगी रोक
मुजफ्फरनगर के बाद अब अलीगढ़ में मंदिर में मुस्लिमों की एंट्री पर रोक लगा दी गई। साथ ही, हिंदू भक्तों के लिए भी मंदिर में आने के लिए गाइडलाइन जारी की गई है।

Aligarh News: मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर के बाद अब अलीगढ़ के भी हजारों वर्ष पुराने और ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। इतना ही नहीं, मुस्लिम महिलाओं पुरुषों की मंदिर में एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है। इस संबंध में गाइडलाइन जारी करते हुए मंदिर प्रशासन ने पोस्टर और बैनकर मंदिर के बाहर लगाए है।
इन पोस्टर और बैनरों में लिखा है कि मंदिर परिसर में मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है...साथ ही हिंदू भक्तों से निवेदन है, कि मंदिर में ड्रैस कोड का पालन करें। श्री गिलहराज मंदिर के महंत योगी कौशलनाथ ने इस संबंध में एक गाइड लाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के मुताबिक, मंदिर में शालीन व मर्यादित कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों को ही प्रवेश देने की बात कही गई है।
हालांकि, इस बात पर विवाद बढ़ता देखकर मंदिर के बाहर से पोस्टर हटा लिए गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंदिर समिति की तरफ से लगाए पोस्टरों में लिखा था कि कटी-फटी जींस, मिनी स्कर्ट समेत हाफ पैंट पहनकर आने वाले भक्तों को प्रवेश नहीं मिलेगा।
खबरह के मुताबिक, इस बाबत मंदिर महंत का कहना था कि अशोभनीय वस्त्र पहनने से पूजा करने आए भक्तों का ध्यान भटकता है। मंदिर के बाहर लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसे पर्चे भी लगा दिए गए हैं। महंत योगी कौशलनाथ ने साफ किया है कि मंदिर में शालीन कपड़े पहनकर आने वाले हिंदू भक्तों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
छोटे कपड़े, कटी-फटी जींस, हाफ पैंट आदि कपड़ों को पहनकर आने वालों को मंदिर में पूजा-अर्चना करने से रोक दिया जाएगा। जब इस संबंध में मीडिया कर्मियों ने मंदिर के बाहर लगे पर्ची को देखकर पूजा अर्चना करने आए भक्तों इस विषय पर जानना चहा तो लोगों ने महंत के इस निर्णय सराहनीय की।
मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान शालीनता वाले ही कपड़े पहनने चाहिए, जिससे कि किसी भक्त का ध्यान ना भटके। हालांकि, कुछ भक्तों ने इस का विरोध भी किया। मिली जानकारी के मुताबिक, शाम होते-होते इन पोस्टरों को मंदिर के बाहर से हटा लिया गया है।
Recommended Video

भक्तों ने मंदिर के अंदर मुस्लिमों की एंट्री रोके जाने के फैसले का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि मुसलमानों का मंदिर से कोई लेना-देना भी नहीं होता है..यह लोग सिर्फ मंदिर में चोरी करने के लिए आते हैं। महंत जी के इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं।
वहीं, इस संबंध में महंत योगी कौशलनाथ ने बताया कि मंदिर कमेटी की ओर से निर्णय लिया गया है कि मंदिर में आने वाले गैर हिंदू को पूजा के लिए प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। पिछले दिनों त्रयंबकेश्वर मंदिर में कुछ मुसलमानों के प्रवेश कर लेने के बाद एसआईटी गठित की गई थी, क्योंकि मुस्लिम पूजा करने के उद्देश्य से मंदिर नहीं आते हैं।
कहा कि जरूर उनका कोई ना कोई उद्देश्य रहा होगा जो जांच एजेंसी ही तय कर पाएंगी। अलीगढ़ में ऐसा कोई घटना न घटे इसलिए मंदिर में मुसलमानों के आने से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।












Click it and Unblock the Notifications