लॉरेंस बिश्नोई का गुर्गा ऋतिक बॉक्सर अरेस्ट, मां ने नौकरी , मां ने नौकरी के नाम पर सिम लेकर जेल में पहुंचाई
अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में पांच महीने पहले मिले मोबाइल फोन की वजह से लॉरेंस के एक साथी रितिक बॉक्सर की गिरफ्तारी हुई है। रितिक की मां ने जेल में मुलाकात के दौरान उसे सिम कार्ड मुहैया कराया था, जिससे वह अपने नेटवर्क से संपर्क बनाए रख सका। एक महीने पहले पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत सजा काट रहे कुख्यात अपराधी जगतपाल को हिरासत में लिया था, जिसने पूछताछ के दौरान रितिक बॉक्सर की संलिप्तता का खुलासा किया था।
सीओ रुद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि 8 जून 2024 को हाई सिक्योरिटी सुविधा में तलाशी के दौरान जगतपाल के कपड़ों में एक सिम कार्ड वाला कीपैड मोबाइल मिला। इस खोज के बाद जगतपाल को 23 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान उसने ऋतिक बॉक्सर का नाम बताया। इसके बाद अधिकारियों ने शनिवार को ऋतिक बॉक्सर को गिरफ्तार कर लिया।

सिम कार्ड कनेक्शन
जांच में पता चला कि ऋतिक की मां ने अपनी नौकरानी रिया के नाम से सिम कार्ड प्राप्त किया था और जेल में उससे मिलने के दौरान उसे अपने बेटे को सौंप दिया था। इससे ऋतिक अपने सहयोगियों से जुड़ा रह सका। पूछताछ के बाद पुलिस ने ऋतिक को वापस हाई-सिक्योरिटी सुविधा में स्थानांतरित करने से पहले अदालत में पेश किया।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में चार महीने पहले मिले मोबाइल फोन का संबंध जयपुर के जी-क्लब में फायरिंग करने वाले ऋतिक बॉक्सर से था। उसकी मां ने अपनी नौकरानी के नाम से सिम कार्ड मंगवाया था और उसे दे दिया था। इसके बाद ऋतिक ने यह मोबाइल अपने एक साथी को दे दिया। नियमित जांच के दौरान डिवाइस का पता चला।
चल रही जांच
अधिकारियों ने इस मामले की चल रही जांच के तहत जगतपाल को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लिया है। अब, वे रितिक बॉक्सर से जेल प्रणाली में उसकी संलिप्तता और संबंधों के बारे में आगे पूछताछ करने की योजना बना रहे हैं।
पुलिस इस घटना में शामिल किसी भी अतिरिक्त लिंक या सहयोगियों को उजागर करने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हुए है। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अजमेर जेल के उच्च सुरक्षा वाले वातावरण में इस तरह का उल्लंघन फिर से न हो।












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