किन्नर सुशीला ने अजमेर DM के सामने टेबल पर क्यों रख दी नोटों की गड्डी? वजह जानकार अफसर भी चौंके
किन्नर सुशीला ने अजमेर कलेक्टर अंशदीप से चाही दीपावली पर दस रुपए किलो मिठाई बेचने की अनुमति
Kinnar in Ajmer Dm Office : राजस्थान के अजमेर जिला कलेक्टर कार्यालय में अजब मामला सामने आया है। यहां पर एक किन्नर पहुंची और कलेक्टर के सामने उनकी टेबल पर नोटों की गड्डी रख दी। वजह जानकार कलेक्टर समेत अन्य अधिकारी भी चौंक गए।

दस रुपए किलो में मिठाई बेचना चाहती है
जानकारी के अनुसार किन्नर सुशीला अजमेर जिले के तीर्थराज पुष्कर में दीपावली पर दुकान लगाकर दस रुपए किलो में मिठाई बेचना चाहती है। इसकी अनुमति के लिए वह कलेक्टर के पास आई थी। वह चाहती है कि अजमेर कलेक्टर व एसपी उसे पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाए ताकि हलवाई उसे परेशान नहीं करें।
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स्टाफ ने किन्नर सुशीला को रोक दिया
बता दें कि अजमेर डीएम ऑफिस के स्टाफ ने किन्नर सुशीला को यह कहकर रोक दिया था कि साहब अभी ऑफिस में नहीं है। इसके बावजूद सुशीला ने स्टाफ को साइड में करके जबरन कलेक्टर कक्ष में घुस गई। उस दौरान अजमेर कलेक्टर अंशदीप तो वहां मौजूद नहीं थे, मगर कुछ अन्य अधिकारी वहां बैठकर कलेक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे।

मिलावटी मिठाई बेचे जाने से दुखी है
सुशीला किन्नर ने अधिकारियों को बताया कि वह त्योहार के मौके पर हलवाइयों की ओर से मिलावटी मिठाई बेचे जाने से दुखी है। इसलिए उसने दीपावली 2022 के मौके पर दुकान लगाकार दस रुपए किलो में मिठाई बेचना चाहती है, जिसकी उसे अनुमति चाहिए।

कलेक्टर अंशदीप ने किन्नर सुशीला की पूरी बात सुनी
अजमेर कलेक्टर कार्यालय में मौजूद आरएएस अधिकारी किशोर कुमार ने किन्नर सुशीला से समझाइश की, मगर वह नहीं मानी। थोड़ी जिला कलेक्टर अंशदीप भी अपने ऑफिस पहुंच गए। उन्होंने किन्नर सुशीला की पूरी बात सुनी। उसने कलेक्टर के सामने उनकी टेबल पर नोटों की गड्डी रखी और बोली कि हलवाई मिलावटी मिठाई बेचकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।

रबड़ी, गुलाब जामुन, मालपुए आदि उपलब्ध करवाएगी
इसलिए सुशील किन्नर ने निर्णय किया है कि वह दिवाली पर गरीबों व जरूरतमंद लोगों को निशुल्क व अन्य को दस रुपए किलो में रबड़ी, गुलाब जामुन, मालपुए आदि उपलब्ध करवाएगी। यह सब वह अनुमति लेकर करना चाहती है। वह चाहती है कि उसके चाहे कितने भी रुपए खर्च हो जाए पर वह मिलावट खोर हलवाइयों को सबक सिखाना चाहती है।

चार साल तक दस रुपए किलो में मिठाई बेची
यह पहला मौका नहीं है कि जब किन्नर सुशीला ने मिष्ठान भंडारों के खिलाफ मोर्चा खोला है। इससे पहले सुशीला ने किशनगढ़ में एक हलवाई द्वारा गाय मारने से व्यथित होकर उसकी दुकान के सामने काउंटर लगाकर चार साल तक दस रुपए किलो में मिठाई बेची थी। सुशीला के विरोध का यह तरीका लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।












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