Divya Mittal: CA के साथ लव मैरिज, तलाक के बाद अथाह संपत्ति बनाकर जेल जाने तक की पूरी कहानी
दो करोड़ घूस की आरोपी ASP Divya mittal मूलरूप से हरियाणा के चरखी दादरी के पास की रहने वाली है। वर्तमान में इनका परिवार झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में रह रहा है।

ASP Divya Mittal Rajasthan: राजस्थान पुलिस में एसओजी की निलंबित एएसपी दिव्या मित्तल फिर सुर्खियों में है। दो करोड़ की घूस के मामले में सलाखों के पीछे पहुंची दिव्या मित्तल जेल से बाहर आ गई है। दिव्या मित्तल को सोमवार को जमानत मिली थी। महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के अवकाश के चलते मंगलवार की बजाय बुधवार को जेल से रिहा हो पाई।
दिव्या मित्तल की निजी जिंदगी हमेशा से चर्चा में रही है। सीए से प्रेम विवाह, फिर तलाक और उसके बाद राजस्थान पुलिस में उदयपुर पोस्टेड रहते अथाह संपत्ति बनाना और उसके बाद अजमेर में आकर दवा कंपनी से एक करोड़ की घूस के मामले में एसीबी के हत्थे चढ़ जाना।
दिव्या मित्तल का परिवार हरियाणा के चरखीदादरी से करीब 45 साल पहले आकर राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में पिलानी रोड पर आकर बस गया। दो भाई और तीन बहनों में सबसे छोटी दिव्या मित्तल ने चिड़ावा से पढ़ाई की। दिव्या ने पिलानी के साबू कॉलेज में कुछ समय लेक्चरर के रूप में पढ़ाया भी।
दिव्या मित्तल ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा 2007 में सफलता हासिल की। स्टे के चलते ज्वानिंग देरी से मिली। साल 2010 में दिव्या मित्तल बतौर आरपीएस राजस्थान पुलिस का हिस्सा बनी।
2014 में दिव्या की सोशल मीडिया के जरिए हिसार निवासी सीए प्रतीक से मुलाकात हुई। तीन माह बाद दोनों उदयपुर में मिले। फिर प्रतीक व दिव्या ने गुपचुप तरीके से प्रेम विवाह कर लिया था। पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे थे। उदयपुर, भरतपुर व मथुरा में किराए का मकान लेकर रहे। साल 2015 में दिव्या के पिता ने हिसार पुलिस को दहेज प्रताड़ना की शिकायत की, जिसके बाद दिव्या व प्रतीक का तलाक हो गया।
इधर, राजस्थान पुलिस सेवा की अधिकारी दिव्या मित्तल संपत्ति बनानी शुरू कर दी। जानकारों की मानें तो वह हर साल प्रोपर्टी में निवेश करती थी। उदयपुर में लग्जरी रिसोर्ट बनाया। उस पर घूसकांड के बाद प्रशासन का बुलडोजर चल गया। दिव्या ने अन्य जगह भी संपत्ति खरीदी।

उदयपुर के बाद दिव्या मित्तल की पोस्टिंग एसओजी की अजमेर चौकी में एएसपी पद पर हुई। यहां उत्तराखंड के हरिद्वार की एक दवा कंपनी से दो करोड़ की घूस मांगने के मामले में फंसी। दवा कंपनी के मालिक की शिकायत पर जयपुर एसीबी टीम ने अजमेर में 16 जनवरी को दिव्या मित्तल को अरेस्ट कर लिया था। इस मामले में दिव्या को 31 मार्च को जमानत मिल गई थी।
घूसकांड में जमानत मिलते पर जोधपुर एसओजी एएसपी कमल तंवर की ओर से रामगंज पुलिस थाने में दर्ज करवाए गए एनडीपीएस के केस में फिर अरेस्ट हुई। दिव्या को चार अप्रैल को एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया गया था। सोमवार को अजमेर की एनडीपीएस कोर्ट में दिव्या मित्तल की जमानत पर सुनवाई हुई थी। जज ने जांच अधिकारी को एडिशनल एसपी कमल सिंह तंवर को मौखिक फटकार भी लगाई।












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