VIDEO : 'लो पधारो तैयार है भोजन प्रसादी जीमो सा' की आवाज सुनकर दाना चुगने आते हैं लाखों कबूतर
अजमेर। यूं तो लगभग हर शहर या गांव कस्बों में ऐसी जगह जरूर मिल जाती है जहां कबूतर बेखौफ होकर दाना चुगते हैं, मगर हम जिस जगह की बात कर रहे हैं यह सबसे हटकर है। वजह ये है कि यहां पर कबूतरों में गजब का अनुशासन देखने को मिलता है। मतलब कि यहां लाखों की संख्या में मौजूद कबूतर बिना निमंत्रण के अनाज का एक दाना तक नहीं चुगते हैं।

अजमेर के ब्यावर में हैं ये कबूतर
अजब कबूतरों की गजब कहानी वाली यह जगह है ब्यावर शहर। राजस्थान के अजमेर जिले के ब्यावर शहर में दादाबाड़ी नामक जगह पर लम्बे अरसे से कबूतरों को दाना डाला जाता है। एक-दो कबूतरों से शुरू हुआ यह सिलसिला आज एक लाख की संख्या को पार कर गया है। कबूतरों के लिए अनाज की व्यवस्था ब्यावर के लोगों द्वारा आपसी सहयोग से की जाती है।

ब्यावर के कबूतरों का वायरल वीडियो
कबूतरों को दाना डालने का काम दादाबाड़ी के मैनेजर सुरेश छल्लाणी देखते हैं। दाना डालने का समय होता है तब यहां आसमां कबूतरों से अट जाता है। एक साथ एक लाख से अधिक की संख्या में कबूतर पहुंचते हैं। यहीं से शुरू होती है कबूतरों के अनुशासन की अनूठी कहानी, जिसका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
सुरेश छल्लाणी के बुलावे का इंतजार
दरअसल, ये कबूतर दाना चुगने आते हैं तब सीधे दाने पर ना आकर एक खाली जगह में एकत्रित हो जात हैं। यहां दूर दूर तक सिर्फ कबूतर ही कबूतर नजर आते हैं। खास बात यहां बैठकर ये सभी कबूतर सुरेश छल्लाणी के बुलावे का इंतजार करते हैं।

आवाज सुनने के साथ ही भरते हैं उड़ान
चारदीवारी के बाहर की साइड में कबूतर बैठकर इंतजार करते हैं और इधर सुरेश छल्लाणीचारदीवारी में कबूतरों के लिए एक तय स्थान पर अनाज की व्यवस्था करते हैं। इसके बाद सुरेश छल्लाणी जोर से आवाज लगाते हैं कि 'लो पधारो...तैयार है गौतम प्रसादी...जीमो सा....' (भोजन के लिए निमंत्रण)। यह आवाज सुनने के बाद बाहर से कबूतर दाना चुगने के लिए चारदीवार के अंदर आना शुरू कर देते हैं।












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