गुजरात हाईकोर्ट: परिसर खुलने से पहले 3 जज कोरोना पॉजिटिव मिले, अब अदालत चलने पर असमंजस
अहमदाबाद। गुजरात हाईकोर्ट के 3 जज कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जिसके चलते कोर्ट परिसर से काम किए जाने की कोशिश ठंडे बस्ते में चली गई हैं। अन्यथा कोर्ट में फिजिकल कार्यवाही इसी 23 नवंबर से शुरू होने जा रही थी। कोर्ट परिसर को पहले इसीलिए बंद किया गया था कि क्योंकि स्टाफ के कई सदस्य कोरोना की चपेट में आ चुके थे। उसके बाद जजों ने विशेष मामलों की ऑनलाइन ही शुरू की। अब तीन जजों के भी कोरोना हो गया है। इन जजों में जस्टिस आरएम सरीन, जस्टिस एसी राव और जस्टिस जीआर उधवाणी के नाम शामिल हैं। संवाददाता ने बताया कि, जजों के कोरोना पॉजिटिव निकलने पर हाईकोर्ट परिसर के 23 नवंबर से खुलने पर संशय बना हुआ है।

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राज्य में कोरोनावायरस के संक्रमण में दिवाली के बाद से तेजी आई है। यहां के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में रोज मिलने वाले संक्रमितों की संख्या बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में राज्यभर से कोरोना के 1282 नए मामले सामने आए हैं। इनके अलावा 1274 लोग रिकवर हुए और आठ की मौत हुई। कोरोना मामलों की कुल संख्या अब 1,91,642 हो गई है। जिसमें 1,75,362 रिकवर और 3,823 मौतें शामिल हैं। कुल सक्रिय मामले 12,457 हैं, जिनमें से 83 लोग वेंटिलेटर पर है। दिवाली व नववर्ष के बाद गुजरात में कोरोना संक्रमण में ये उछाल आया है।

बहरहाल, कोरोना पॉजिटिव मिले हाईकोर्ट के तीन जजों जस्टिस आरएम सरीन, जस्टिस एसी राव और जस्टिस जीआर उधवाणी का उपचार शुरू किया गया है। साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों और उनके परिजनों को क्वारंटाइन किया जा रहा है। उधर, गुजरात के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद के बारे में खबर यह है कि, यहां कर्फ्यू लगा दिया गया है। शहर के सात सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार चल रहा है। इनके अलावा यहां 72 प्राइवेट हॉस्पिटल भी कोविड-19 मरीजों के लिए तैयार किए गए थे।

महानगर पालिका से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राइवेट हॉस्पिटलों में 2254 बेड उपलब्ध हैं। जिनमें से 2076 बेडों पर फिलहाल मरीजों को रखा गया है। इन अस्पतालों में 781 आइसोलेशन बेड भी हैं। हाई डिपेन्डेंसी बेड की संख्या यहां 784 है। बिना वेंटिलेटर के 350 आईसीयू बेड हैं। साथ ही वेंटिलेटर के साथ 161 आईसीयू बेड हैं। जिनमें 13 खाली हैं।












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