31 साल बाद दी जाएगी गुजरात में फांसी, दुष्कर्म-हत्या के दोषी अनिल यादव को लटकाएगा जल्लाद
अहमदाबाद. दिल्ली के निर्भया दुष्कर्म-हत्याकांड के दोषियों को जल्द फांसी हो सकती है। इसी तरह गुजरात में भी एक बलात्कारी को फांसी पर लटकाया जाएगा। यहां साबरमती जेल में 58 साल बाद किसी दोषी को फांसी दी जाएगी। जिसे फांसी दी जाएगी, वह तीन साल की मासूम से दुष्कर्म एवं फिर उसकी हत्या करने का दोषी अनिल यादव है। साबरमती जेल प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अनिल यादव को फांसी पर लटकाने के लिए जल्लाद बुलाया जाएगा। जल्लाद के लिए तिहाड़ व यरवदा जेल प्रशासन से संपर्क किया गया है।

डीजीपी ने लिया काल कोठरी का जायजा
बता दें कि, गुजरात पुलिस के महानिदेशक शिवानंद झा ने हाल ही साबरमती जेल पहुंचकर महात्मा गांधी व सरदार पटेल के नाम पर बनी जेल की कोठरी के बगल में बने फांसी घर का जायजा लिया। जिसके बाद से ही किसी दोषी को फांसी होने की चर्चा जोर पकड़ने लगीं। जेल प्रशासन ने साफ किया है कि, दुष्कर्म-हत्याकांड के एक दोषी को फांसी दी जा सकती है। यही वजह है कि, करीब पांच दशक से बेकार पड़े इस फांसी घर में रंगरोगन व मरम्मत के लिए हाउसिंग बोर्ड की मदद ली जा रही है।
वर्ष 1962 में दी गई थी गुजरात में पिछली फांसी
साबरमती जेल में आखिरी बार वर्ष 1962 में यानी 58 साल पहले फांसी की सजा दी गई थी। जबकि, गुजरात में सितंबर 1989 को यानी 31 साल पहले राजकोट जेल में शशिकांत माली नामक कैदी को आखिरी बार फांसी दी गई थी। गुजरात में फांसी का यह आठवां मामला होगा।












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