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शख्‍स की सिर्फ सांसें चल रही थीं, परिजनों ने उसके अंगदान किए, अब किसी और में धड़क रहा दिल

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अहमदाबाद। यहां एक शख्‍स, जिसे अहमदाबाद सिविल अस्पताल के डॉक्‍टर्स ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था, परिजनों द्वारा उसके अंग दान कर दिए गए। उस शख्‍स का नाम अमित तरुणभाई शाह था। वह 38 साल का था। उसके अंग अस्‍पताल लाए गए कई लोगों को नया जीवन दे गए। उसका हृदय यानी दिल अब किसी और मरीज के सीने में धड़क रहा है। यह सब मुमकिन हुआ ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से हृदय का प्रत्यारोपण करने पर। जिस मरीज में उसके हृदय का ट्रांसप्‍लांट किया गया, वो अब स्‍वस्‍थ है।

ब्रेन डेड व्यक्ति के हर्ट से दिल का मरीज बचा

ब्रेन डेड व्यक्ति के हर्ट से दिल का मरीज बचा

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक ने कहा कि, हृदय प्रत्यारोपण यानी कि हर्ट-ट्रांसप्‍लांट देश में कम ही स्‍थानों पर होता है। खासकर, किसी ब्रेन डेड व्यक्ति के शरीर से हृदय, फेफड़े, छोटी आंत जैसे अंगों का दान चिकित्सा जगत में महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि अंगदान के लिए उपलब्ध 9 अंगों में से किडनी, लीवर किसी जीवित व्यक्ति द्वारा दान किया जा सकता है, लेकिन हृदय, फेफड़े जैसे अंग "ब्रेनडेड" के बाद ही दान किए जा सकते हैं। उसमें भी विशेष रूप से हृदय को अन्य अंगों की अपेक्षा बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। उन्‍हें गिनती के 4 से 5 घंटे के भीतर ही दूसरे रोगी में प्रत्यारोपण की तत्काल आवश्यकता होती है।

कैसे हुआ सफल प्रत्यारोपण हुआ, डॉक्‍टर ने बताया

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सिम्स अस्पताल के सर्जन डॉ. धीरेन शाह ने कहा कि, 38 वर्षीय अमितभाई शाह अहमदाबाद के बापूनगर इलाके के रहने वाले थे। वह ऊंचाई से गिर गए थे। परिजन उन्‍हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले गए थे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। जिसके बाद उनके परिवार द्वारा अमित के अंगों के डोनेट का निर्णय लिया गया। उसके हृदय को पाटण के एक पुरुष रोगी में प्रत्यारोपित किया गया है। हम 5 घंटे की जटिल सर्जरी पूरी कर उसका सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण करने में सफल रहे हैं।'

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प्रत्यारोपित मरीज की जानकारी देते हुए डॉक्‍टर ने कहा कि, जिसके अंदर हर्ट ट्रांसप्‍लांट किया गया, वो मरीज लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित था। वह एक मध्यमवर्गीय परिवार का 38 वर्षीय मरीज है। उसे इस दर्द से बाहर निकलने और प्रत्यारोपण कराने के लिए कई सामाजिक संगठनों और परोपकारी लोगों ने वित्तीय सहायता प्रदान की।

सभी अंगों में हृदय सबसे महत्वपूर्ण: सिविल के चीफ

सभी अंगों में हृदय सबसे महत्वपूर्ण: सिविल के चीफ

अहमदाबाद सिविल अस्पताल में हुए अंगदानों के बारे में बताते हुए अधीक्षक ने कहा कि, अंगदान के लिए सभी अंगों में हृदय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में किए गए कुल 83 अंगदानों में से 136 किडनी, 70 लीवर प्राप्त हुए हैं लेकिन 22 मामले हृदयदान करने में सफल रहे हैं। इससे समझा जा सकता है कि 22 दिलों का दान पाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्‍होंने कहा कि, यह हमारे डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और समर्पण की बेहतरीन मिसाल पेश करता है।

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English summary
A person who's brain dead is legally confirmed as dead, parent donate his organs, saved many lives
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