• search
आगरा न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

निर्भया केस: दोषियों को अपने हाथों से फांसी पर लटकाना चाहती हैं यूपी की ये महिलाएं, खून से राष्ट्रपति को लिखा पत्र

|

आगरा। राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी देने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में निर्भया के आरोपियों के खिलाफ नारी शक्ति में इस कदर उबाल है कि वो खुद अपने हाथों से गुनहगारों को फांसी देना चाहती हैं। बता दें कि अखिल भारतीय हिंदू महासभा की प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रपति के नाम अपने खून से पत्र लिखकर जिला प्रशासन को सौंपा है।

Women of UP want to hang Nirbhaya culprits with their own hands

अखिल भारतीय हिंदू महासभा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मीना दिवाकर ने निर्भया कांड के दोषियों को फांसी देने के लिए खुद को जल्लदान बनाये जाने की मांग की है। शुक्रवार दोपहर को मीना दिवाकर के नेतृत्व में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने मांग की कि निर्भया के दोषियों को उनके हवाले कर दिया जाए। वे खुद अपने हाथों से दोषियों को फांसी के फंदे से लटकाना चाहती हैं।

16 दिसंबर, साल 2012 में राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया कांड के दोषियों को देने फांसी की प्रक्रिया तेज हो गई है। हालांकि एक दोषी विनय शर्मा की दो याचिकाएं राष्ट्रपति के पास लंबित हैं, वहीं दोषी अक्षय कुमार की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 17 दिसंबर को सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। उससे पहले 5 मई, साल 2017 को इस मामले की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी थी।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Women of UP want to hang 'Nirbhaya' culprits with their own hands
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X