7 बार की बैडमिंटन चैंपियन के पिता-भाई की छूटी नौकरी तो रोटी के लिए बेचने पड़े रैकेट, PM और CM से मांगी मदद
आगरा। उत्तर प्रदेश में आगरा की रहने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी राधा ठाकुर का परिवार इन दिनों आर्थिक रूप से तबाह है। उनके घर खाने के भी लाले पड़ गए हैं। कोरोना महामारी लॉकडाउन के कारण उनके पिता एवं भाई की नौकरी चली गई। वहीं, कोई टूर्नामेंट जीतने के बाद राधा को जो पैसा मिलता था, वो भी नहीं मिल रहा, क्योंकि इन दिनों कहीं कोई टूर्नामेंट नहीं हो रहे। ऐसे में उनके यहां खर्च चलना मुश्किल हो गया। खाने-पीने की चीजों की भी कमी हो गई। ऐसे में राधा ने अपना रैकेट तक बेच दिया।

सरकार हमें कुछ आर्थिक मदद दे
यह विकट स्थिति पनपने के बाद राधा का कहना है कि, सरकार कुछ आर्थिक मदद दे, ताकि मुश्किल से उबरा जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेकर कहा कि, ‘मुझे इनसे उम्मीद है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हमेशा बेटियों को आगे बढ़ाने की बात करते हैं। ये अब हम जैसे असमर्थ लोगों को मुसीबत से उबारें।'

आगरा जिले की सात बार की चैंपियन रहीं
बता दें कि, राधा आगरा जिले की सात बार की चैंपियन रह चुकी हैं। इसके अलावा वह फर्स्ट सीनियर मेजर बैडमिंटन चैंपियनशिप-2019 की रनर अप (डबल्स) भी रही थीं। इस साल यूपी स्टेट सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में भी राधा डबल्स स्पर्धा में दूसरे स्थान पर रही थीं। सिंगल्स की बात करें तो दो साल पहले यूपी स्टेट फर्स्ट सीनियर मेजर बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंची थीं। वहीं, पिछले साल इसी टूर्नामेंट में डबल्स स्पर्धा के सेमीफाइनल में अपना स्थान बनाया था।

यूं घर-खर्च चलना मुश्किल हो गया
आगरा में राधा का घर नंद टॉकीज के पास है। जहां वह अपने माता-पिता एवं भाई के साथ रहती हैं। वो बताती हैं कि, भाई संजू की इसी साल मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी लगी थी। लॉकडाउन के दरम्यान कंपनी वालों ने उसे नौकरी से निकाल दिया। वहीं, पिता राजेंद्र आगरा में ही एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। उनकी भी नौकरी चली गई। ऐसे में आमदनी नहीं होने से घर-खर्च चलना मुश्किल हो गया।












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