गणेश चतुर्थी पर कीजिए 'गणपति' को Video Call, इस अद्भुत मूर्ती का धड़कता है दिल, जानिए क्या है माजरा
भगवान गणेश को समर्पित गणेश चतुर्थी का पर्व इस साल 18 सितंबर को है। पूरे देश में यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस विशेष दिन पर भगवान श्री गणेश की उपासना का विधान है। इस दिन को विशेष रूप से भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। लेकिन इस गणेश चतुर्थी पर आगरा में स्वयं भगवान गणेश विराजमान होंगे। ऐसा हम क्यों कह रहे हैं, यह जानने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।
यह मूर्ती बोल सकती है, खा सकती है, देख सकती है
दरअसल, आगरा के पंचकुइयां टीला के रहने वाले अजय बाथम ने भगवान गणेश की अनोखी मूर्ति बनाई है। इस मूर्ती के बारे में अजय का दावा है कि यह मूर्ति बोल सकती है, सुन सकती है, खा सकती है, देख सकती है। और तो और युवक का कहना है कि यह मूर्ती सांस भी लेती है। इस मूर्ति का कृतिम दिल भी है और वह धड़कता भी है। पहली नजर में इस मूर्ति को देखकर लगता है कि मूर्ति जिंदा है।

बस और ट्रक के ट्यूब से बनाई यह मूर्ती
आपको बता दें कि 37 साल के अजय बाथम को यह मूर्ति बनाने में लगभग 8 से 9 महीने का समय लगा है। इस बार गणेश उत्सव पर इस मूर्ति को पूजन के लिए चौक में रखा जाएगा। अजय बताते हैं कि इस मूर्ति को बनाने का आईडिया पिछले साल गणेश चतुर्थी पर आया था। इस मूर्ती की खास बात तो ये है कि इसे बनाने के लिए उन्होंने बस और ट्रक के ट्यूब का इस्तेमाल किया है।

आंखों में लगे हैं सीसीटीवी कैमरे
अजय बाथम ने बताया कि मूर्ति के अंदर कई सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ग्लोबर मोटर का इस्तेमाल किया है। इसकी खासियत यह है कि प्रतिमा के रूप में मौजूद भगवान गणेश पानी भी पीते हैं और प्रसाद में लड्डू भी खाते हैं। यही नहीं अजय ने डिवाइस के माध्यम से इस तरह डिजाइन किया है कि वह भक्तों को देख व सुन भी सकते हैं। लगभग 10 फुट बड़ी इस मूर्ति की आंखों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

पैर छूने पर मिलेगा आशीर्वाद
इस मूर्ती में पैरों पर एक बटन लगाया है, जिसके चलते पैर छूने पर तथास्तु की आवाज आती है। मूर्ति के ऊपर मुख से लड्डू भी डाला जाता है। इसके अलावा इंसानों की तरह पलकें भी झपका सकते हैं। इसके अलावा यदि कोई भक्त गणेश जी के लाइव दर्शन करना चाहता है और वह मंदिर तक नहीं आ सकता है तो वह वीडियो कॉल करके भगवान के दर्शन कर सकता है और आशीर्वाद ले सकता है। गणेश जी के पास खुद का मोबाइल भी है। इसका नंबर 9568055894 है। इस पर वीडियो कॉल भी की जा सकती है।

घर में नहीं स्थापित हो सकती इतनी बड़ी मूर्ती
अजय बाथम ने बताया कि वह इवेंट का काम करते हैं। उनका घर छोटा होने के कारण गणेश जी की इतनी बड़ी प्रतिमा गणेश चतुर्थी पर स्थापित नहीं कर सकते। इसलिए शहर के लोगों से सहायता मांगी है। ताकि गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापित करने के लिए उन्हें एक जगह मिल सके और उत्सव मनाया जा सके।

विसर्जन की जगह मंदिर में हो स्थापित
वहीं अजय बाथम को यह मूर्ती बनाने में 8-9 महीने की कड़ी मेहनत लगी है। मूर्ति में इंसानों जैसी जान डालने के लिए उन्होंने काफी रिसर्च किया है। इसलिए भगवान की इस प्रतिमा को विर्सजन की जगह वो शहर के मंदिर या किसी म्यूजियम में रखवाना चाहते हैं।












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