मुजफ्फरनगर हिंसा में 26 की मौत, व्यापार को 150 करोड़ का नुकसान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष में एक पत्रकार समेत 26 लोगों की मौत हो जाने के बाद वहां हालात बद से बदतर हो गए है। कई जगह पथराव और आगजनी की घटनाओं में करीब 40 लोगों के घायल हो चुके है। बिगड़ते हालात के मद्देनजर जिले के तीन थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है साथ ही प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी के मुताबिक इस हिंसक झड़प में अब तक कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हर तरफ सेना तैनात है और हालात काबू में है। शहर में तीन दिन के लिए स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। वहीं इस बवाल के कारण मुफ्फरनगर को 150 करोड़ का नुकसान हुआ है। हिंसा के बाद व्यापारिक दुकाने बंद रहने के कारण यहां का व्यापार ठप हो चुका है।

गंड़ के कारण देशभर में प्रसिद्द मुज्जफरनगर पिछले दिनों जारी हिंसा के कारण 150 करोड़ के नुकसान से गुजर रहा है। इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है। व्यापारी अपना सामान बापर नहीं भेज पा रहे है। व्यापार ठप हो चुका है। जिस का नुकसान इन दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है।
हिंसा के बाद इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स की 8 कंपनियां, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 17, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की चार कंपनियों को अलग-अलग जगाहों पर तैनात किया गया है। जिले के तीन थानाक्षेत्रों- सिविल लाइन, कोतवाली और नई मंडी में कर्फ्यू लगाया गया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर की हिंसक घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। हिंसक घटना के लिए जिम्मेदार व दोषी व्यक्तियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और हर हाल में शांति व्यवस्था कायम की जाएगी।












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