स्टिंग ऑपरेशन में फंसे अमित शाह, कांग्रेस ने मोदी को बनाया निशाना
नई दिल्ली। सोहराबुद्दीन शेख मामले में अपने पद और साख का दुरूपयोग करने का आरोप लगाकार कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की है। यह ध्यान देने योग्य है कि तुलसीराम प्रजापति जो कि इस केस का एक मात्र गवाह था, उसकी कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में अमित शाह मुख्य आरोपी थे। 2005 में हुई मुठभेड़ में सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसरबाई की मार दिये गये थे। अमित शाह तब गुजरात के गृहमंत्री थे।
कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने एक प्रेस वार्ता में कहा, "जांच प्रक्रिया अभी जारी है तो मोदी मुख्यमंत्री के पद पर कैसे रह सकते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र मोदी ने अपने पद और साख का इस्तेमाल कर न्याय व्यवस्था में हस्तक्षेप किया है।" माकन ने कहा, "इस बात की भी जांच होनी चाहिए और सीबीआई को मामला सौंपा जाना चाहिए।" यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक पत्रकार ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर अदालत में याचिका दाखिल की।

पत्रकार का आरोप है कि भाजपा के सांसदों प्रकाश जावड़ेकर और भूपेंद्र सिंह यादव ने शाह के बचाव के एकमात्र इरादे से मामले की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता पर गलत तरीके से दबाव बनाया। कांग्रेस के पास स्टिंग ऑपरेशन की सीडी भी है।
गुजरात से कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, "कैमरे में दिखाई दे रहे इंसान प्रकाश जावाड़ेकर ही हैं। भाजपा अब उस पत्रकार की विश्वसनीयता को चुनौती दे रही है, जिसने यह वीडियो रिकॉर्ड किया है।" गोहिल ने कहा , "यदि उन्हें पत्रकार की विश्वसनीयता पर संदेह है तो सीडी को फोरेंसिक विभाग को सौंप दें, उनका सत्यापन तो मान्य होगा।" इधर, भाजपा ने मोदी के खिलाफ लगे सारे आरोपों को खारिज कर दिया है। भाजपा के राज्य सभा सांसद बलबीर पुंज ने कहा, "हमें कांग्रेस से इस्तीफे के सिवा और किसी मांग की अपेक्षा भी नहीं है। उन्होंने बीते तीन चुनावों में मोदी को चुनौती दी, लेकिन हर बार गुजरात की जनता ने उन्हें अस्वीकार कर दिया।"
कांग्रेस के इस सीडी प्रकरण को मोदी पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।












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