मोदी के वीजा पर अमेरिका में बवाल, कहा नहीं मिलेगा वीजा
वाशिंगटन। लोकसभा चुनाव 2014 के लिए भाजपा का चुनावी चेहरा बने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ना केवल भारत के लिए चर्चा का विषय बनें हुए ब्लकि उनके नाम की गूंज अब अमेरिका में भी सुनाई दे रही है। विरोधियों के पसीने छुड़ाने वाले मेदी अब अमेरिका में भी एक गंभीर मुद्दा बने हुए हैं।
2002 के दंगों के बाद मोदी के वीजा पर लगे प्रतिबंद्ध को लेकर अब अमेरिका में बवाल शुरु हो गया है। मोदी को वीजा देने या न देने को लेकर अमेरिकी संसद से लेकर अधिकारियों तक में परस्पर विरोध लॉबी बन गई हैं।

अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग मोदी को वीजा दिए जाने का विरोध कर रहा है। आयोग की उपाध्यक्ष कट्रीना लैंटोस स्वेट ने कहा है कि गुजरात दंगों में मोदी की भूमिका संदिग्ध रही है। लिहाजा उन्हें अमेरिकी वीजा नहीं मुहैया कराया जाना चाहिए।
एक अखबार में दिए इंटरव्यू में स्वेट ने कहा कि गुजरात दंगों में मोदी की भूमिका को लेकर विवाद बना हुआ है। उन पर बेहद गंभीर आरोप हैं। ऐसे में उन्हें अमेरिका का वीजा नहीं देना चाहिए। दरअसल अमेरिका का ये आयोग दुनियाभर के धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मसलों को देखता है और उस पर नीति निर्धारण करने की अमेरिकी राष्ट्रपति से सिफारिश करता है।
गौरलब है कि गुजरात दंगों के बाद 2005 में अमेरिका ने मोदी को राजनयिक वीजा देने से इन्कार कर दिया था। इसके साथ-साथ ही उसने मोदी के पर्यटक और व्यापारिक वीजा को भी निरस्त कर दिया था।












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