किश्तवाड़ा हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 1 हफ्ते में मांगा सरकार से जबाव
नयी दिल्ली। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ा में जारी हिंसा के बाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत ने इसमें दखल दी है। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार से इस हिंसा पर जबाव मांगा है। कोर्ट ने किश्तवाड़ में सांप्रदायिक हिंसा के बाद जारी कर्फ्यू में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और हिंसा पीड़ितों को मुआवजा देने के मामले में राज्य सरकार को एक हफ्ते में जवाब मांगा है। इसके अलावा कोर्ट ने ये भी आदेश दिया है कि प्रदेश सरकार की ओर से इस हिंसा को रकने के लिए क्या किया जा रहा है उसकी भी जानकारी दी जाए।
इस मामले में कोर्ट की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होनी है। दरअसल पंथर पार्टी ने किश्तवाड़ हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में घाटी के कर्फ्यू में फंसे लोगों को सही सलामत बाहर निकालने की मांग की गई थी। जिसके बाद आज कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को ये आदेश दिए है।

वहीं घाटी में एकबार फिर से हिंसा भड़क गई थी। शहर के हडि़याल, मता व भूपनगर में लोग कर्फ्यू का उल्लंघन कर सड़कों पर निकल आए। लोगों को शांत कराने के लिए पुलिस को लाठीजार्च और आंसू गैस के गोले दागने पड़े, जबकि कई इलाकों में तो लोगों को नियंत्रित करने के लिए कई राउंड हवाई फायर भी करनी पड़ी।
वहीं हिंसा पर उतचारु लोगों ने पुलिस पर पथराव कर एएसपी कुलवीर सिंह समेत कई पुलिसवालों को घायल कर दिया । तकरीबन 10 पुलिसकर्मी इस हिंसा में गंभीर रुप से घायल हो गए।












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