IIM अहमदाबाद में इंजीनियरों को दाखिला मिलना मुश्किल
अहमदाबाद। आमिर खान की फिल्म 3 इडियट्स आपने जरूर देखी होगी, जिसमें वो डॉयलॉग भी याद होगा, जिसमें आमिर खान कहता है कि जब मैनेजर बनना है, तो इंजीनियरिंग क्यों की और बैंक में नौकरी करनी थी, तो इंजीनियरिंग में पांच साल वेस्ट क्यों किये। यह बात अब भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद को समझ में आ गई है। लिहाजा अब यहां बहुत कम इंजीनियर्स को ही दाखिला दिया जायेगा।
इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद अगर कैट की तैयारी कर रहे हैं, तो अभी से यह बात समझ लें कि आईआईएम अहमदाबाद में उन्हें दाखिला मिलना मुश्किल होगा। अंग्रेजी अखबार टीओआई की खबर के मुताबिक 2014 से आईआईएम अहमदाबाद ने नॉन-इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के छात्रों का कोटा 4 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया है।

नये नियम के अनुसार बिना किसी अनुभव के या पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री के छात्रों के लिये कोटा 27 फीसदी रहेगा। अब वर्क एक्सपीरियंस को पर्सनल इंटरव्यू में काउंट नहीं किया जायेगा। असल में 2012-14 और 2013-15 के बैच में 96 फीसदी छात्र इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के हैं। अब यह प्रतिशत 80 से 87 प्रतिशत तक करने की योजना है।
आईआईएम ने यह निर्णय इसलिये लिया, क्योंकि लोग अब यह कहने लगे थे कि आईआईएम के दरवाजे अब सिर्फ आईआईटियंस के लिये ही खुले हैं। बाकी छात्रों को वहां दाखिला मिलना संभव नहीं हो पाता है। हालांकि अगर अन्य आईआईएम की बात करें तो बैंगलोर और कैलकटा में नॉन-इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले छात्रों की संख्या अधिक है।












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