उत्तर प्रदेश में बाढ़ से लाखों प्रभावित, राहत कार्य जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों के अधिकांश जिले बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित सैंकड़ों गांवों के लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में पलायन कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक हालांकि, हालात नियंत्रण में हैं और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य भी युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। पूर्वांचल के अधिकांश जिले बाढ़ की चपेट में हैं। वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया और इलाहाबाद में बाढ़ के पानी से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। इस दौरान कई गांवों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा हो गया है।
वाराणसी में बाढ़ ने पिछले 16 वषरें का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अधिकांश घाट बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। गंगा और वरुणा के जलस्तर में वृद्धि होने से अब पानी शहरी इलाकों में भी प्रवेश करने लगा है। प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी कर लोगों को बाढ़ से सावधान रहने की हिदायत दे दी है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक गंगा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इधर, बलिया में भी घाघरा नदी उफान पर है। तटवर्ती इलाकों में बसे गावों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। प्रशासन की ओर से किसी तरह के इंतजाम न किए जाने की वजह से लोगों में काफी गुस्सा भी देखा जा रहा है। गाजीपुर में गंगा नदी अपने रौद्र रूप में दिखाई दे रही है। कई गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। गाजीपुर में सेमरा गांव का आधा हिस्सा गंगा में समाहित हो चुका है।
इलाहाबाद में गंगा का पानी सलोही और राजापुर सहित कई इलाकों में प्रवेश कर गया है। प्रशासन इसके जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, अयोध्या, लखीमपुर, गोंडा, बहराइच और शामली जिले में कई हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हर जगह लोगों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट रहा है। उत्तर प्रदेश बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में फिलहाल प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। अगले 24 घंटे के अंदर इसमें कमी आने की संभावाना है जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
अधिकारी के मुताबिक राज्य में करीब दो दर्जन जिले बाढ़ की चपेट में हैं। हर जिले में संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि प्रभावितों तक हर हाल में सहायता पहुंचाई जाए। राहत एवं बचाव कार्य में पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की कई टुकड़ियां तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ जगहों पर सेना की भी मदद ली जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications