बगैर दिल दो साल तक जिंदा रहा आदमी
लंदन।
हत्या, बलात्कार, या हाथ-पैर काट देने की वारदातें होती हैं और अपराधी पकड़ा जाता है तो लोग उसे देख एक ही बात कहते हैं, "वाकई इसके सीने में दिल नहीं..." आपको क्या लगता है, बगैर दिल यानी हृदय के क्या कोई इंसान जिंदा रह सकता है? आपका जवाब नहीं होगा, लेकिन लंदन में एक अजब इंसान सामने आया, जो पिछले दो साल से बिना हृदय के जीवित रहा। दो साल बाद अब जाकर उसे हृदय मिला है। id="toptextpromo">42
वर्षीय मैथ्यू ग्रीन एक फार्मास्युटिकल कंसल्टेंट है, जो पिछले दो साल से बगैर दिल के जिंदा है। असल में उसे जीवित रखने के लिये बाहर से रक्त पम्प किया जाता है। असल में गंभीर रोगोंके कारण दो साल पहले मैथ्यू के शरीर से हृदय को निकाल कर अलग कर दिया गया। कैम्ब्रिजशायर में पापवर्थ अस्पताल में डॉक्टरों ने मैथ्यू को एक आर्टिफीशियल हृदय उपलब्ध कराया, जो बाहर से उसके रक्त को पम्प करता है और उसके शरीर का रक्तचाप सामान्य बना रहा। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>सन्डे
टाइम्स से बातचीत में मैथ्यू ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे इस अस्पताल ने जीवन दिया। मैथ्यू के एक बेटा और एक पत्नी भी हैं। दो साल बाद अब जाकर उसे एक डोनर का हृदय मिला, जो उसे फिट हो गया। जुलाई 2011 में उसका हार्ट निकाल दिया गया था। अब 2013 में अब उसे हृदय मिला। इन दो सालों में आर्टिफीशियल हार्ट लगाया गया, उसमें एक मोटर लगी थी, जो रीचार्जेबल बैटरी से चलती थी। यानी जब तक बैटरी चार्ज, तब तक मैथ्यू जिंदा। यही सोचकर मैथ्यू के घर वाले दो साल तक कभी बैटरी को चार्ज करना नहीं भूले।











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