चीनी ड्रैगन परेशान, इसीलिये भेजे घोड़ों पर 100 जवान
[नवीन निगम] चीन ने एक बार फिर भारतीय सीमा में घुसपैठ की है। 16, 18 और 20 जुलाई को चीनी सेना के करीब सौ जवान पूर्वी लद्दाख में घुसे। उन जवानों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर भारतीय सेना से कब्जे वाली जमीन खाली करने की बात लिखी थी। घुसपैठ का ताजा मामला उस दिन का है, जब भारत ने चीन की सीमा पर 50,000 जवानों वाले माउंटेन स्ट्राइक कोर की स्थापना को मंजूरी दी है। भारत की इस नई योजना से चीन कितना असहज है यह उसकी गतिविधियां बता रही हैं।
चीन के जवान हमेशा से भारतीय क्षेत्र में बेरोक टोक आते जाते रहते थे। लेकिन इस मामले को ही ले तो यह साफ है कि चीन की सेना का जैसे ही भारतीय सेना से सामना हुआ वह अपने क्षेत्र में वापस लौट गई। चीन की सेना सीमा पर भारतीय गतिविधियों से परेशान हो चुकी है और वह हताशा में बार-बार एलएसी को पार करके यह जांचती है कि भारतीय सेना उसकी गतिविधियों पर कितनी नजर रख रही हैं। भारत भी लगातार कूटनीति चालें चल रहा है पहले जो बातें चीनी सीमा पर आम थी अब उन्हें भारत पूरे विश्व को बता देता हैं।
दरअसल भारत की रणनीति यह है कि वह विश्व के सामने चीनी सीमा की एक ऐसी तस्वीर पेश करें जिससे विश्व को लगे कि चीन अपने पड़ोसियों के प्रति ठीक व्यवहार नहीं करता। इस तरह की रणनीति से भारत जापान, अमेरिका और अन्य कई देशों से सहायता प्राप्त कर लेता है। चीन से तनातनी उसे जापान से परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में काफी राहत दिला सकती हैं। चीन की सीमा खासतौर पर चुमार के पास ऐसी घटनाओं का होना एक संकेत देता है कि चीन, चुमार को लेकर काफी ज्यादा संवेदनशील हो गया है और वह चाहता है कि भारत इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियां कम करें, लेकिन भारत के सैन्य कमांडर भी अब यह समझ चुके है कि चुमार में अच्छी पकड़ चीन को ऐड़ी के नीचे रखने के लिए बहुत जरुरी है। चुमार में भारतीय सेना ने जो काम किया है उसके आगे चीन के अब तक किए गए सारे किए धरे पर पानी फिर गया है।

संघर्ष की स्थिति में भारत
चीन जानता है कि संघर्ष की स्थिति में भारत इसी मोर्चे से वार करेगा और यहां भारतीय सेना का सामना करना चीन के बस की बात नहीं है।

चीन की सबसे कमजोर नस
क्योंकि चुमार से पहली मार चीन के वेस्टर्न हाईवे पर होती है जो चीन की सबसे कमजोर नस है।

सबसे महत्वपूर्ण राजमार्ग वेस्टर्न हाईवे
जिस प्रकार कश्मीर में टाइगर हिल पर बैठकर पाक भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग जो कश्मीर को सियाचिन और लद्दाख से जोड़ता है, पर वार कर सकता है उसी प्रकार चुमार में बनी भारतीय चौकी चीन के सबसे महत्वपूर्ण राजमार्ग वेस्टर्न हाईवे को अपनी गिरफ्त में ले सकती है।

चीन पर कोई असर नहीं
चीन ने यह घुसपैठ भारत को यह दर्शाने के लिए की थी कि वह यदि कोई नई कोर बना रहा है तो उसका चीन पर कोई असर नहीं है।

भारत को महाशक्ति नहीं मानता
चीन भारत को इस क्षेत्र में एक महाशक्ति नहीं मानता। हां इस घुसपैठ ने यह जरुर साबित कर दिया कि भारतीय गतिविधियों से ड्रैगन बहुत परेशान है।












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