मुलायम की सपा में बगावत, सपाईयों ने फाड़ा पार्टी का झंडा
लखनऊ (नवीन निगम)। इटावा में सामूहिक बलात्कार की शिकार युवती आठ दिन के संघर्ष के बाद दम तोड़ देती है और सरकार कोई कड़े कदम नहीं उठाती है। मंत्रिमंडल के विस्तार से नाराज तीन बार लगातार चुने जाने वाले विधायक शाकिर अली के समर्थक देवरिया में जिले के सबसे महत्वपूर्ण चौराहे पर पार्टी का झंड़ा फाड़ देते है और मुख्यमंत्री से लेकर सपा प्रमुख तक के खिलाफ नारेबाजी करते है और पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है।
कहा जाता है कि सपा के सिर्फ कुछ ही लोग थे। यह सब घटनाएं यह इशारा कर रही है कि सत्ता में आने के बाद सपा में सबकुछ ठीक नहीं रहा। यह सही है कि शाकिर अली का नाम हर बार मंत्री बनाए जाने के लिए सबसे ऊपर रहता है, लेकिन अखिलेश उनकी एक हरकत के कारण बारबार उनका नाम लिस्ट से काट देते है। शाकिर अली ने पथरदेवा की सीट पर भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही को परास्त किया था। शाकिर अली अपनी इस जीत से इतने उत्साहित थे कि उन्होंने रेलवे स्टेशन पर अपने समर्थकों द्रारा लाया गया घोड़ा प्लेटफार्म पर दौड़ा डाला। इस घटना को चैनलों ने जमकर दिखाया।

शाकिर अली का इस घटना के बाद मंत्री पद से पत्ता कट गया। इस बार भी उनका नाम लगभग तय था लेकिन अखिलेश जानते थे कि वो जैसे ही शाकिर अली को शपथ दिलाएंगे, दिल्ली के इलेक्ट्रानिक चैनलों को वह मसाला मुहैय्या करा देंगे। एक तरफ जहां वो शाकिर अली को शपथ लेते दिखाएंगे वहीं प्लेटफार्म पर घोड़ा दौड़ाते हुए उनकी क्लिप चलेंगी। अखिलेश चुनावी साल में किसी भी प्रकार से कोई बखेड़ा नहीं खड़े होने देना चाहते थे इसलिए उन्होंने शाकिर अली का नाम काट दिया। लेकिन शाकिर अली को इस मामले में विश्वास में नहीं लिया गया और उनके समर्थकों ने पार्टी के खिलाफ विद्रोह किया।
शाकिर अली का मामला उन सभी विधायकों के लिए सबक है जो जोश में आकर उल्टी सीधी हरकत कर बैठते हैं और वो उनका पीछा नहीं छोड़ती है। ज्ञात हो कि पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक शाकिर अली को प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने से गुस्सा समर्थकों ने गुरुवार को सुभाष चौक पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका और पार्टी का झंडा फाड़कर विरोध जताया। इस दौरान समर्थकों ने सपा मुखिया व आजम खां के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। वहीं सपा जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव ने बताया कि सीएम का पुतला फूंकने वालों में चार से पांच सपा के कार्यकर्ता हैं। अन्य लोग सपा के कार्यकर्ता नहीं थे। उनको मैं जानता भी नहीं हूं। यह घटना बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना से प्रदेश नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है। इस संबंध में विधायक शाकिर अली ने कहा कि देवरिया में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने की जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन लगातार तीसरी बार मुझे नजरंदाज कर मंत्री न बनाए जाने का मलाल जरूर है।












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