पुलिस उत्‍त्‍पीड़न के शिकर होते हैं दिल्‍ली के फुटपाथी बच्‍चे

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। राष्ट्रीय राजधानी में फुटपाथ पर रहने वाले लगभग सभी बच्चे अभद्र व्यवहार एवं हिंसा के शिकार हैं और उनमें से अधिकांश को पुलिस के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। मंगलवार को जारी एक ताजा अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ। एसोचैम द्वारा स्थितिपरक विश्लेषण के आधार पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, फुटपाथ पर रहने वाले 33 फीसदी बच्चों को पुलिस का उत्पीड़न झेलना पड़ता है, जबकि 23 फीसदी बच्चे यौन अभद्रता का शिकार होते हैं।

इस अध्ययन को रिलीज करते हुए गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने उद्योग जगत से ऐसे बच्चों को गोद लेने की अपील की। अध्ययन में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 31 प्रतिशत बच्चों को अपने नौकरीप्रदाता की अभद्रता झेलनी पड़ती है, आठ प्रतिशत बच्चों को नशीले पदार्थो की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाता है जबकि अन्य पांच फीसदी बच्चों से चोरी और अन्य अपराध करवाए जाते हैं। अध्ययन के अनुसार, नशीले पदार्थो की गिरफ्त में आने वाले बच्चों की संख्या काफी अधिक है।

Street children in Delhi face police harassment: Study

फुटपाथ पर रहने वाले बच्चों में 35 फीसदी बच्चे नशीले पदार्थो का सेवन करते हैं, जिनमें से 21 फीसदी बीड़ी-सिगरेट पीते हैं, 16 फीसदी तंबाकू चबाते हैं जबकि 12 फीसदी बच्चे शराब की लत के शिकार हैं। दिल्ली में फुटपाथ पर रहने वाले बच्चों में अधिकांश बिहार, राजस्थान, ओडिशा, आंध्रप्रदेश और उत्तर प्रदेश से आए परिवारों के हैं।

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