जाति की राजनीति में भी नरेन्द्र मोदी फिट
लखनऊ (नवीन निगम)। चलिए मोदी के बयान से उप्र में कुछ तो सियासी हलचल पैदा हुई जिसके लिए भाजपा एक लम्बे समय से प्रतीक्षा कर रही थी। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से बसपा सांसद विजय बहादुर सिंह ने कहा कि अगर मोदी कहते हैं कि उन्हें कुत्ते के बच्चे की अपनी कार के नीचे कुचलकर मौत होने से भी दुख होगा, तो इसका मतलब है वह संवेदनशील व्यक्ति हैं। मोदी का जवाब बहुत सीधा था। लिहाजा, उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी का विरोध करने वाले सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश कर रहे हैं।
विजय बहादुर के बयान की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि मायावती ने हाल में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में मोदी को खूब बुरा भला कहा था। विजय बहादुर का बयान यह दर्शाने के लिए काफी है कि भले ही उप्र में कहा जाता रहे कि यहां जाति की राजनीति के आगे कोई मुद्दा नहीं चलता है लेकिन विजय बहादुर के बयान ने तस्वीर के एक और पहलू की ओर हल्का सा इशारा किया है। शायद विजय बहादुर अपनी राजनीति की मजबूरी के तहत ऐसा कह रहे हो लेकिन बात कुछ भी हो विजय बहादुर का बयान राजनीति की प्रयोगशाला के लिए एक सैंपल तो है ही।

किसी भी नेता का नाम लेकर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। क्योंकि वह अभी भी लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच ही रखना चाहते है। मोदी को मालूम है कि किसी एक का भी नाम लेते ही वह आगे आ जाएगा। विजय बहादुर का बयान इसलिए भी खास है कि मोदी का समर्थन करके उन्होंने यह बता दिया है कि उप्र की सियासी जमीन पर मोदी का नाम अब कमाल दिखाने लगा है।
हमीरपुर जिस इलाके से विजय बहादुर चुनकर आते है वहां अति पिछड़ी जाति का अच्छा वोट है और इसका अर्थ साफ है कि मोदी उप्र की जाति की राजनीति में अति पिछड़े होने के नाम पर आगे चलकर ठीक बैठ सकते हैं। उधर भाजपा के लिए विजय बहादुर का बयान संजीवनी बूटी से कम नहीं है और अब वह अपने विरोधियों को उप्र में इस बयान के आइने में पलटवार कर सकती है।
विजय बहादुर का बयान
मोदी बहुत ही संवेदनशील व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने बयान में किसी समुदाय विशेष की बात नहीं की थी। गुजरात के मुख्यमंत्री का बयान शत प्रतिशत सही है और देशहित में है। इस बयान पर उनका विरोध करने वाले राष्ट्रद्रोही हैं।












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