बम धमाकों से बदला 1500 साल पुराना बुद्ध का मंदिर
पटना। दुनिया को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले भगवान बुद्ध की धरती रो रही है। सम्राट अशोक की धरती में बुद्ध लहूलुहान हैं। जहां कभी बौद्ध मंत्र की गूंज उटती थी वो धमाकों से दहल गया है। बारूद की गंध उठ रही है। हवाओं में धमाकों की साजिश है। साजिशों के गुबार उड़ रहे हैं, लेकिन फिर भी बुद्ध मुस्कुरा रहे हैं। उनकी इस मुस्कुराहट में दुख है। अहिंसा के इस मंदिर में हुए आंतकी हमले से पूरा देश सन्न है।
भगवान बुद्ध के द्वार पर भारत के ही श्रद्धालु नहीं होते हैं, बल्कि पूरी दुनिया के श्रद्धालु अपना रुख करते हैं। दुनिया में इसे अहिंसा का सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है। यहीं कारण है कि 2002 में इस मंदिर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज घोषित किया गया है। लेकिन आतंकियों ने अपने नापाक मंसूबों ने इस पवित्र स्थल को लहूलुहान कर दिया।

आतंकवादियों ने गया के महाबोधि मंदिर को अपना निशाना बनाया। इस महाबोधि मंदिर का भगवान बुद्ध के जीवन से सीधा संबंध रहा है। 2,550 साल पहले इसी स्थान पर भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। महाबोधि मंदिर भारत में बचेखुचे प्रारंभिक ईंट ढांचों में से एक है। महाबोधि मंदिर के निर्माण के बाद ही इस शताब्दी में भवन निर्माण कला के विकास पर गहरा असर रहा।
मंदिर परिसर में गले बोधिवृक्ष ने नीचे बैठकर ही भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था। 566-486 ईसा पूर्व में भगवान बुद्ध का इस स्थान से सीधा संबंध रहा है क्योंकि यही वह जगह है जहां बोधिवृक्ष के नीचे उन्हें परमज्ञान की प्राप्ति हुई थी। इतना ही नहीं इस स्थान की खासियत है कि ईसा पूर्व 260 के आसपास सम्राट अशोक ने यहां अपना अहिंसा ज्ञान प्राप्त किया था। अशोक ने बोधिवृक्ष के स्थल पर पहले मंदिर का निर्माण कराया था।
अहिंसा का ये मठ रविवार के दिन सिलसिलेवार धमाकों से गूंज गया। एक के बाद 9 धमाकों ने मंदिर को हिलाकर रख दिया। दो विदेशी बौद्ध भिक्षु भी घायल हुए। गृहमंत्रायल ने इसे आंतकी हमला करार दिया। बिहार में पहली बार आंतकी हमले के बाद सीएम नीतीश कुमार भी अपने लाव- लश्कर के साथ मौके पर पहंच गए। एनआईए और एनएसजी की टीम ने मंदिर परिसर को घेर लिया। तफ्तीश की जा रही है, लेकिन किसी भी आंतकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। एनआईए की टीम ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है तो वहीं मंदिर परिसर में लगे 15 सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों से मिले अलर्ट के बावजूद भी बिहार रकार ने गंभीरता नहीं दिखाई और ये हादसा हो गया।
फिलहाल ये वक्त आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है। वक्त है एकजूट होकर इस हमले से उबरने की। सरकार ने भी आंतकी हमले के बाद महाबोधि मंदिर समेत बिहार के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है। हमले के 24 घंटे बीत जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ खाली है।












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