एक इंजीनियर से राष्ट्रपति कैसे बने मोहम्मद मुर्सी
काहिरा। मिस्र मे पिछले दो वर्षों में यह दूसरी बार है जब जनता के आक्रोश ने एक क्रांति का रूप ले लिया और राष्ट्रपति को अपदस्थ कर दिया। मोहम्मद मुर्सी को एक वर्ष पहले ही राष्ट्रपति निर्वाचित किया गया था। बताया जाता है कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतर पाने के कारण उन्हें पद से हटाया गया। जिसके बाद सेना ने कमान संभाल ही है, साथ ही जल्द राष्ट्रपति चुनाव की घोषणा की है।
मोहम्मद मुर्सी का जन्म
मुर्सी का जन्म 1951 में शर्किया, मिस्र में हुआ था। उन्होने अमेरिका के काहिरा और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। वह 2001-2005 तक एक निर्दलीय प्रत्याशी रहे। राजनीति में आने से पहले मोरसी एक इंजीनियर थे।
मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के प्रमुख नेता मुर्सी है। जब मुस्लिम ब्रदरहुड के एक अन्य नेता खैरात अल-शातेर को आपराधिक मामलों के कारण राष्ट्रपति उम्मीदवार होने के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया था तो मुर्सी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया।
हालांकि प्रारम्भ में यह माना जाता था कि अपने शांत स्वभाव और इंजीनियरिंग के पेशे के कारण क्या वह वोटरों को लुभाने में कामयाब रहेंगे लेकिन एक अच्छे वक्ता के तौर पर उन्होने प्रशंसा पाई। उनका कहना था कि वह एक लोकतांत्रिक, सभ्य और धार्मिक आजादी रखने वाले राष्ट्र का निर्माण करना चाहते हैं लेकिन वह इसमें कामयाब न हो सके।

काईरों
नव निर्वाचित राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेते मोहम्मद मुर्सी।

काइरों
एक तरफ तो राष्ट्रपति का विरोध हो रहा था वहीं कुछ समर्थकों ने मुर्सी के पक्ष में रैली निकाली।

तहरीर स्कवायर
राष्ट्रपति मुर्सी को हटाये जाने के बाद झंडा 'तहरीर चौक' पर झंडा लहराते आम लोग।

काइरो
मोहम्मद मुर्सी और इस्लामिक संविधान के विरोधी राष्ट्रपति भवन के बाहर जश्न मनाते हुए।

काइरो
मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के हेडक्वार्टर पर हमले के दौरान आक्रोश दिखाता एक प्रदर्शनकारी।

काइरो
काइरों में राष्ट्रपति भवन के बाहर प्रदर्शन करते, आंदोलनकारी।

काइरो
काइरो में प्रदर्शन के दौरान विरोधियों पर पथराव करता एक आंदोलनकारी। (19 अप्रैल, 2013)












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