फूड फॉर वोट! कैबिनेट की झंडी के बाद, अब राष्ट्रपति देंगे मंजूरी

फूड सिक्योरिटी अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब अध्यादेश को सीधे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति से हरी झंडी मिलने के बाद ये अध्यादेश लागू हो जाएगा।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की मंजूरी मिलने के 6 महीने के अंदर सरकार को इसे बिल को संसद में पास करवाना होगा। दरअसल विरोधियों के साथ-साथ सहयोगी दलों भी सरकार की इस नीति का विरोध कर रहे है। उनकी मांग है कि सरकार इस बिल पर पहले संसद में चर्चा कराएं। उसके बाद बिल को मंजूरी दी जाए।
सरकार के इस बिल का उद्देश्य भारत के 1.2 अरब लोगों में से 67 फीसदी लोगों को रियायती दर पर अनाज उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत गरीबों को 3 रु किलो चावल और 2 रु किलो गेहूं मिलेगा और करीब 80 करोड़ लोगों को रियायती दर पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए सरकार पर करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये का भार पड़ेगा।












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