'वो हमला करते हैं और देश श्रीलंका के क्रिकेट स्कोर में परेशान है'

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। कुछ दिनों पहले छत्‍तीसगढ़ का सुकमा और अब झारखंड का दुमका, जगह बदला मगर मंजर और चीखें वही थीं। नक्‍सलियों ने इस बाद पुलिस टीम को निशाना बनाया और पाकुड़ के एसपी अमरजीत बलिहार सहित पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गये। हर तरफ से संवेदनाएं मिलने लगीं और कार्रवाई करने के वादे होने लगे। सच तो ये है कि वो अपना काम करते हैं और हम अपना। जी हां वो हमला करते हैं और हम शहीदों की गिनती। वो गोलियां और बम बरसाते हैं और हम लाशें समेटते हैं।

निश्चित अंतराल पर देश के कई हिस्‍सों से खबर आती रहती है कि नक्‍सलियों ने घात लगाकर हमला कर दिया और हम उस बेचारगी पर अफसोस जताते रह जाते हैं। चर्चाएं तो बहुत होती हैं मगर देश इस बात को क्‍यों नहीं समझ रहा है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो नक्‍सली हमला आने वाला वक्‍त का सबसे बड़ा खतरा होगा। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और मोहब्‍बत के शायर के नाम से दुनिया में प्रसिद्ध कुमार विश्‍वास ने भी इस हमले की निंदा की है।

Jharkhand Naxal attack:

उन्‍होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि ''घटिया राजनीती से उपजी नक्सली हिंसा में शहीद झारखण्ड के पुलिस अधीक्षक अमरजीत बलिहार को अंतिम प्रणाम! सेनानी ,हम आप से क्षमा चाहते हैं कि देश अपने लक्ष्य को श्रीलंका के क्रिकेट स्कोर में ढूंढ रहा है। उल्‍ल्‍ेखनीय है कि अमरजीत बलिहार दुमका के डीआईजी के साथ बैठक करने के बाद वापस लौट रहे थे। तभी गोपीकांदर और काठीकुंड के बीच माओवादियों ने घात लगाकर उनके वाहन पर हमला किया, जिसमें 5 जवान मारे गए। एसपी अमरजीत बलिहार की भी मौके पर ही मौत हो गई जबकि इस हमले में उनका ड्राइवर भी मारा गया।

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