भाजपा को फिर अस्वीकार करेगी जनता: चिदंबरम
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव भले ही अभी दूर हो लेकिन चुनाव तैयारियों को लेकर राजनीतिक दलों में छींटाकशी का दौर शुरू हो चुका है। अब वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि भाजपा को जनता एक बार फिर अस्वीकार कर देगी, क्योंकि पार्टी की विचार धारा धर्मनिरपेक्षता और समावेश के खिलाफ हैं। उन्होने बताया कि भाजपा ने खुद को समय के साथ नहीं बदला है। वह समान नागरिक संहिता, अयोध्या और अनुच्छेद 370 को समाप्त करने जैसी विघटनकारी मुद्दों पर फिर से राजनीति कर रही हैं।
चिदंबरम ने कहा कि भाजपा में पहले से ही शीर्ष नेतृत्व में मतभेद हैं और यह जगजाहिर हो चुका है। साथ ही उन्होने यह भी कह दिया कि उनकी लड़ाई किसी एक नेता के खिलाफ नहीं बल्कि उस सोंच के खिलाफ हैं, जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा करती है। इसी के कारण ही जनता भाजपा को 2004 और 2009 में नकार चुकी है।

हालांकि चिदंबरम ने नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होने यह कहकर की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में एक राय नहीं है, उस मसले की तरफ इशारा किया जब मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाये जाने पर वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होने कहा कि मोदी एक विघटनकारी व्यक्ति हैं, इसलिए उनका, भाजपा में ही विरोध हो रहा है। गुजरात के विकास मॉडल को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उन्होने कहा कि इसे काफी बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि कांग्रेस में मोदी की शख्सियत को चुनौती देने वाला कोई और लीडर नहीं है, वहीं भाजपा के लिए मोदी एक ट्रम्पकार्ड की तरह है। अत: इस बार लोकसभा चुनाव भाजपा बनाम कांग्रेस नहीं बल्कि कांग्रेस बनाम मोदी होंगे। मोदी अपने भाषणों में भी 'कांग्रेस मुक्त' भारत की बात कहकर अपना इरादा जाहिर कर चुके हैं।












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