मुस्लिम भी भेज रहे उत्तराखंड को राहत सामग्री

नई दिल्ली। इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सदर एसएम खुर्शीद ने कहा कि 16 जून को उतराखंड में जो हुआ वह आजादी के बाद सबसे बड़ा हादसा है। मुसीबत की घड़ी में हम सभी का कर्तव्य है कि परेशानी में घिरे लोगों की मदद करें। इस्लाम ने हमेशा हमदर्दी का पैगाम दिया है।

उन्होंने कहा कि इंसान की मदद करना भी एक इबादत है। तमाम लोग तन, मन व धन से मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करें। ऑल इंडिया सूफी अर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फरीद अहमद अंसारी नूरी रिजवी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में शासन-प्रशासन को तालमेल के साथ काम करना होगा ताकि लोगों तक मदद सही तरीके से पहुंचे और लोगों का भला हो।

Uttarakhand

समाजसेवी सैयद चुन्ने अहमद ने कहा कि ऐसी मुसीबत में हम सब अल्लाह से दुआ करते हैं कि पीड़ितों के हालात सुधरें, वहां लोगों को राहत मिल सके। जो लोग राहत दे रहे हैं वो एक नेक काम कर रहे हैं। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने कहा कि समूचा देश इस वक्त उत्तरखंड के लोगों के साथ खड़ा है। संकट की घड़ी में लोगों को चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा वहां राहत भेजें। दुआएं करें कि जो हादसा वहां हुआ है वो दोबारा कहीं न हो।

समाजसेवी डा. अफरोज अहमद ने कहा कि कुदरत के इस प्रकोप से ग्रस्त लोगों को अल्लाह जल्द इस मुसीबत से निजात दे। पीड़ितों को राहत देने के लिए तमाम लोग आगे आएं। सुख और दुख सभी के साथ है, इसे समझने की जरूरत है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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