उत्तराखंड में बचाव कार्य में लगा हेलीकॉप्टर क्रैश, 19 मरे
देहरादून। उत्तराखंड में लोगों की मदद के लिये उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों में से एक एमआई-17 मंगलवार की दोपहर क्रैश हो गया। इस विमान में 19 लोग सवार थे, जिसमें से सभी की मौत हो गई। पहले इस हादसे में मरने वालों की संख्या 8 बतायी जा रही थी। लेकिन बाद में वायुसेना ने 19 मौतों की पुष्टि की। हादसे में एनडीआरएफ के एक टूआईसी की भी मौत हो गई है। इस हेलीकॉप्टर में हादसे के समय नौ एनडीआरएफ के, छह आईटीबीपी के और चार आईटीबीपी के लोग इस हेलीकॉप्टर में मौजूद थे। यह हादसा गौरीकुंड में हुआ। हेलीकॉप्टर केदारनाथ से लौट रहा था।
उधर लखनऊ में आपदा में उत्तर प्रदेश के लापता व्यक्तियों के संबंध में सूचना संकलित करने एवं आवश्यक सहायता कार्य के समन्वय के लिए राज्य सरकार ने एक प्रकोष्ठ का गठन किया है और गृह विभाग के सांप्रदायिकता नियंत्रण प्रकोष्ठ को तात्कालिक प्रभाव से यह दायित्व सौंपा है।उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) आऱ एम़ श्रीवास्तव ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि अशोक कुमार सिंह को सांप्रदायिकता नियंत्रण प्रकोष्ठ का विशेष कार्याधिकारी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि यह प्रकोष्ठ राज्य स्तर पर लापता व्यक्तियों के बारे में प्राप्त सूचना संकलित कर विवरण (डाटाबेस) तैयार करेगा और उसका सत्यापन संबंधित जिलाधिकारी से कराएगा, ताकि किसी व्यक्ति द्वारा पूछे जाने पर प्रकोष्ठ द्वारा लापता व्यक्ति के बारे में उपलब्ध सूचना के आधार पर जानकारी दी जा सके। यह प्रकोष्ठ उत्तराखंड राज्य से समन्वय भी करेगा। श्रीवास्तव ने बताया कि जिला स्तर पर लापता व्यक्तियों के संबंध में सूचना संकलन, सत्यापन, समन्वय व सहायता कार्य जिलाधिकारी द्वारा अपने अधीन कार्यरत 'जिला पारपत्र प्रकोष्ठ' को उत्तरदायी बनाते हुए किया जाएगा।
प्रकोष्ठ के प्रभारी अधिकारी का नाम, पदनाम, प्रकोष्ठ का विवरण, फोन, फैक्स और ई-मेल आदि विवरण जनसामान्य की जानकारी के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से तत्काल प्रचारित-प्रसारित कराया जाएगा। जिलाधिकारी लापता व्यक्तियों के संबंध में प्राप्त सूचना का सम्यक डाटाबेस तैयार कराएंगे तथा सत्यापित सूचनाओं का विवरण प्रतिदिन आगामी 15 दिनों तक राज्यस्तरीय प्रकोष्ठ को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि जिलों में नदी और नहर से बरामद होने वाले किसी शव के बारे में यदि कोई परिजन दावा नहीं करेगा तो ऐसे शव के फोटाग्राफ सहित अन्य उपलब्ध विवरण संबंधित जिलाधिकारी राज्यस्तरीय प्रकोष्ठ को उपलब्ध कराएंगे।













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