उत्तराखंड: बचाव कार्य जारी पर अभी भी साठ हजार यात्री फंसे
केदारघाटी। उत्तराखंड में मौसम के कारण आयी भारी तबाही में अब तक लगभग 150 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं अभी भी साठ हजार लोग आपदा में फंसे हुए हैं। घटना को देखते हुए सरकार ने आदेश दिया है कि बचाव कार्य में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाय। इस समय बचाव में 8500 सैनिक, वायुसेना के 30 विमान और 12 हेलीकॉप्टर लगे हुए हैं। हालांकि पिछले 24 घंटों में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने लगभग 2400 लोगों को सुरक्षित निकाला है।
यह उत्तराखंड में आयी अब तक की सबसे बड़ी तबाही बतायी जा रही है। सूत्रों के अनुसार खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में बड़ी मुश्किल आ रही है। गौरतलब है कि राज्य में अत्यधिक वर्षा और बादल फटने इसके बाद भूस्खलन और अचानक आयी बाढ़ में हजारों लोग लापता हो गये हैं। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है कि यह एक ऐसी त्रासदी है जिसने हमें स्तब्ध कर दिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार केदारनाथ के रास्ते में 18 किलोमीटर का रास्ता ध्वस्त हो गया है। इस विनाश से लोगों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 1000 करोड़ का रूपये देने की घोषणा की है। राज्य सरकार के उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ में करीब 500 सड़कें और 175 पुल बह गये हैं।
तस्वीरों में देखें विनाश के कारण फैली तबाही-

रूद्रप्रयाग
रूद्रप्रयाग में बचाव के लिए हेलीकॉप्टरों का इंतजार करते यात्री।

रूद्र्प्रयाग
बाढ़ के विनाश के बाद रूद्रप्रयाग के आसपास का दृश्य।

रिषीकेश
रिषीकेश में बाढ़ के कारण जलभराव हो गया।

हेमकुंड
आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को बाहर निकालने में सेना के जवानों ने रास्ता बनाया।

नई दिल्ली
उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करती सोनिया गांधी।

नई दिल्ली
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करते हुए।

देहरादून
आपरेशन 'गंगा प्रहार' के दौरान बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में सेना के जवान।

देहरादून
महाराष्ट्र से आये श्रद्धालु, आपदा ग्रस्त क्षेत्रों से बाहर निकाले जाने के बाद।

हेमकुंड
एक घायल श्रद्धालु को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते सेना के जवान।

चमोली
बाढ़ के कारण फंसे वाहनों का एक हवाई दृश्य।

चमोली
चमोली का एक बाढ़ग्रस्त क्षेत्र।

चमोली
यात्रियों को सुरक्षित निकालने का प्रयास करते सेना के जवान।

चमोली
चमोली का एक बाढ़ग्रस्त क्षेत्र।

चमोली
चमोली के गोविंद घाट से श्रद्धालुओं और उनके बच्चों को सुरक्षित निकालते सेना के जवान।

चमोली
बाढ़ग्रस्त क्षेत्र से एक महिला को सुरक्षित निकालता एक जवान।

चमोली
हेमकुंड में फंसे महिला यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते सेना के जवान।

चमोली
बचाव कार्य में लगे सेना के जवान।

चमोली
एक महिला श्रद्धालु को सुरक्षित स्थान पर ले जाते सेना के जवान।

चमोली
एक महिला को सुरक्षित स्थान पर ले जाते सेना के जवान।

चमोली
फंसे हुए यात्रियों को भोजन उपलब्ध करवाता एक सैनिक।












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