उत्तरकाशी में भारी बारिश से 13 की मौत, चार धाम यात्रा भी बंद
नयी दिल्ली। समय से पहले पहुंचे मानसून ने अब देश में तबाही मचानी शुरु कर दी है। उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण वहां तबाही का मंजर सज गया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण उत्तरकाशी में हाहाकार मचा हुआ है। अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। भारी बारिश के कारण पवित्र चार धाम की यात्रा को रोकना पड़ा है। यात्रा मार्ग को बंद कर दिया गया है। मार्ग बंद हो जाने के कारणा चार धाम यात्रा पर गए करीब 20 हजार यात्री सड़कों पर ही फंसे हुए हैं।
बारिश के कारण ज्यादातर नदियां खतरे के निशान से उपर आ चुकी है। गंगा में उठे उफान के कारण उत्तरकाशी में हालत और भी गंभीर हो गए है। गंगा नदी उफान पर है। नदी की तेज रफ्तार के कारण उत्तरकाशी में भूस्खलन तेजी से हो रहा है। जिसके कारण यहां एक मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया और फिर नदी की तूफानी रफ्तार में बह गया।

नदी के किनारे बनी तीन मंजिली इमारत देखते ही देखते पानी में समा गई। नदी की तेज रफ्तार में पहले मकान का एक हिस्सा गिरा और फिर देखते ही देखते पूरी की पूरी इमारत नदी के तेज बहाव में समा गई। भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही मकान को खाली करा लिया था और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया था।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी के किनारे रहने वाले लोग खौफ में जी रहे है। वहीं उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद असिगंगा और भागीरथी में भी जल स्तर बढ़ गया है। वहीं लगातार हो रही बारिश की वजह से गंगा और यमुना का जल स्तर भी तेजी से बढ़ा है। बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अर्लट जारी कर दिया है। आलम ये है कि उत्तराखंड में अधिकांश जगहों पर भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-वयस्त हो गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 72 घंटे तक बारिश उत्तराखंड में यूं ही कहर बरपाएगी। सरकार राहत और बचाव कार्य में जुट गई है।












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