छत्तीसगढ़ नक्सली हमला: कांग्रेसी ही निकले गद्दार, नक्सलियों से की थी मुखबिरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में अबतक के सबसे बड़े लाल हमले (नक्सली हमला) में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। कहते हैं ना कि जब अपने ही गद्दारी पर उतर आयें तो अंजाम भयानक होता है। इस हमले में भी ऐसा हुआ है। छत्तीसगढ़ नक्सली हमले की जांच कर रही एनआईए ने कहा है कि चार कांग्रेसी नेता नक्सलियों के संपर्क में थे और उन्होंने रूट बदले जाने की मुखबिरी की थी। एनआईए ने प्रारंभिक जांच में 14 पेज की रिपोर्ट बनाई है और इस बात का खुलासा किया है।
एनआईए ने अपने इस रिपोर्ट में घटनाक्रम की संक्षेप में जानकारी दी है और एनआईए आज इसे गृह मंत्रालय को सौंपने की तैयारी में है। इस रिपोर्ट में किसी साजिश और मुखबिरी की गुंजाइश से इंकार नहीं किया गया है। इन कांग्रेसी नेताओं ने नक्सलियों तक मार्ग परिवर्तन, नेताओं के बारे में विस्तृत जानकारी, गाडि़यों के नंबर, गाडि़यों के रंग और कौन सा नेता किस गाड़ी में है ये सारी जानकारी पहुंचाई थी।

एनआईए ने चार कांग्रेसी नेताओं को राडार पर लिया है और छानबीन कर रही है। एनआईए ने अपने 14 पन्नों की रिपोर्ट में कॉल डिटेल्स का भी जिक्र किया है जो इस खुलासे में सबसे अहम है। एनआईए ने जगदलपुर के सेलफोन टॉवर्स से उस दिन के रूट की सारी कॉल डिटेल्स निकाल ली है। जांच टीम अब घायल नेताओं विधायक कावासी लकमा और वीसी शुक्ला से भी पूछताछ करेगी।
एनआईए टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि अंतिम समय में क्यों परिवर्तन रैली का मार्ग बदला गया। इस रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है कि नक्सलियों का आत्मबल बहुत बढ़ गया है और उन्होंने अपने पास हथियारों का जखीरा तैयार कर लिया है। इनके संपर्क देश-दनिया के विभिन्न आतंकी संगठनों के साथ भी है और निकट भविष्य में ये फिर से ऐसे ही बड़े वारदात को अंजाम भी दे सकते हैं।












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