बेरहम महिला नक्सलियों ने कर्मा पर किया था 78 बार चाकुओं से वार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बीते शनिवार को कांग्रेस के परिवर्तन रैली में जो नक्सली हमला हुआ था उसमें एक के बाद नये खुलासे हो रहे हैं। इस हमले में अब ये खुलासा हुआ है कि नक्सली अपने सबसे बड़े दुश्मन महेंद्र कर्मा को मौत से पहले ज्यादा से ज्यादा दर्द देना चाहते थे इसलिये नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा को मारने से पहले काफी तड़पाया था। खास बात ये है कि महेन्द्र कर्मा को महिला नक्सलियों ने अपने कब्जे में ले लिया और फिर कर्मा के शरीर पर 78 बार चाकुओं से वार किया।
ये जानकारी उस लाल हमले (नक्सली हमले) के दो चश्मदीद गड़ेरियों ने सीआरपीएफ के कोबरा कमांडोज को दी है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार महिला नक्सलियों जिनकी तादाद 10 से 12 थी, ने कर्मा द्वारा अपनी पहचान बताने के बावजूद दूसरे कांग्रेसियों से इसकी पुष्टि की। जब नक्सलियों को इस बात का भरोसा हो गया कि यही कर्मा हैं तो उन्होंने उनका मजाक बनाना शुरू कर दिया। चश्मदीद गड़ेरियों के हवाले से सीआरपीएफ कमांडो ने बताया कि महिला नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा को एक तरफ ले जाकर चारों ओर से घेर लिया और उनकी आखिरी इच्छा पूछी।

कर्मा से पूछा गया कि आखिरी घड़ी में वह नए कपड़े पहनना पसंद करेंगे या खाना खाना। एक नक्सली को उनकी गाड़ी से लंच लाने के लिए भी भेजा गया। कर्मा शांत थे और उनके हाथ पीछे की ओर करके बंधे हुए थे। इन सबके बीच एक महिला नक्सली ने कर्मा की पीठ पर गोली मार दी, लेकिन वह नीचे नहीं गिरे। दूसरी महिला नक्सली ने लकड़ी के टुकड़े से वार करके उनका पैर तोड़ दिया और वह गिर पड़े। इसके बाद महिला नक्सलियों ने मिलकर उनके शरीर को चाकुओं से गोद दिया। नक्सली इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही कह चुके हैं उनका मकसद सलवा जुड़म के लिए महेंद्र कर्मा को सजा देना था।
छत्तीसगढ़ हमले में एमपी के नक्सलियों के शामिल होने की आशंका
छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में मध्य प्रदेश के नक्सलियों के भी शामिल होने की आशंका है। ऐसा इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों में काफी समय से नक्सलियों की गतिविधियां नहीं देखी गई हैं। राज्य के छत्तीसगढ़ से लगे जिले नक्सल प्रभावित हैं। इन जिलों में नक्सलियों की गतिविधियां पिछले काफी अरसे से थमी हुई हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक नंदन दुबे नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सली गतिविधियों के न होने की पुष्टि करते हैं। वह कहते हैं कि नक्सली जब भी किसी राज्य में बड़ी वारदात को अंजाम देते है तो इसमें अन्य राज्यों के अपने साथियों की मदद लेते हैं।












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