राम जेठमलामनी को बीजेपी से 6 साल के लिए निकाला गया
मालूम हो इस बात के आसार पहले से ही थे। वरिष्ठ वकील जेठमलानी ने अपना बागी तेवर पिछले काफी समय से अपना रखा था। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन गडकरी के खिलाफ जहर उगलने वाले जेठमलानी के तल्ख तेवर उस समय बढ़ गये जब उन्होंने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की नियुक्ति के मुद्दे पर भाजपा के ही खिलाफ बयान दिया था।
हालांकि पिछले साल 25 नवंबर से ही जेठमलानी पार्टी से निलंबित चल रहे हैं। उनके ऊपर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर भाजपा ने उन्हें एक कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसके बारे में बात करते हुए उन्होंने मीडिया पर एकदम से भड़क गये थे,उन्होंने कहा था कि फालतू बातों का जवाब देने के अलावा उनके पास और भी बहुत कुछ है इसलिए उनके पास जब समय होगा तो वो इस बारे में बात करेंगे।
वैसे मैं बता दूं कि किसी में इतनी हिम्मत नहीं है जो संसद में मेरी सीट को हथिया सके, जिसे जो करना है करके देख ले।













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