पिछले छह साल में छत्तीसगढ़ में हुए बड़े नक्सली हमले
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा में करीब 200 नक्सलियों ने हमला कर सलवा जुडूम के संस्थापक व कांग्रेसी नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों की हत्या कर दी। इस हमले में पूर्व मंत्री विद्या चरण शुक्ल को भी गोलियां लगी, जिन्हें मेदान्ता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इस हमले ने पूरे देश को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है, कि कब रुकेंगी ऐसी घटनाएं और कब खत्म होगा नक्सलवा। अगर बड़े हमलों की बात करें तो दंतेवाड़ा नक्सली हमला के बाद यह सबसे बड़ा हमला है। इस हमले में नक्सलियों एक-एक कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ताओं पर चालीस-चालीस गोलियां दागीं। इस वारदात को देखते हुए आगामी विधानसभा चुनाव तक ऐसे और हमले होने की आशंका बढ़ती जा रही है।
इसी हमले के चलते मुख्यमंत्री रमण सिंह ने अपनी विकास यात्रा रोक दी। हमले के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश पटेल लापता थे, जिनके शव रविवार की सुबह मौका-ए-वारदात से कुछ ही दूरी पर मिले। घटनास्थल से शवों के निकालने का काम जारी है, लिहाजा मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। इस हमले में कई सुरक्षाकर्मी भी मारे गये हैं।
हमले के तुरंत बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीआरपीएफ के साथ मिलकर नक्सलियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस महानिदशेक रामनिवास ने बताया कि अभी तक 37 की मौत और 32 घायल हुए हैं। इलाके में भारी बारिश हो रही है, जिस वजह से खोजबीन में दिक्कतें आर ही हैं।
पिछले 6 साल में हुए बड़े नक्सली हमले

2007 से 2008 के बीच
17 जुलाई 2007
करीब 800 हथियारबंद नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में हमला किया। 25 मरे, 32 घायल हुए और 250 लोग लापता।
मार्च 2008
सांसद बलीराम कश्यप के काफिले पर हमला।
मार्च 2008
वन मंत्री विक्रम उसेंडी के काफिले पर हमला।

2009 से 2010
जुलाई 2009
राजनंदगांव में बारूदी सुरंग विस्फोट, 28 मरे।
26 सितंबर 2009
भाजपा सांसद बलिराम कश्यप की जगदलपुर में हत्या।
अप्रैल 2010
माओवादियों ने 73 सीआरपीएफ जवानों की हत्या कर दी।

2010 से 2011 में
17 मई 2010
नक्सली धमाके में 14 विशेष पुलिस अधिकारी समेत 35 लोग मारे गए।
अक्टूबर 2011
विधायक डमरूधर पुजारी के निवास पर धावा।
जुलाई, 2011
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल के काफिले पर हमला।

2011 से 2012 में
अक्टूबर 2011
बस्तर में छह सुरक्षाकर्मियों की हत्या।
जुलाई 2011
दंतेवाड़ा में 10 पुलिसकर्मियों की हत्या।
अगस्त 2011
नक्सली हमले में 11 पुलिसकर्मी मारे गए।
जनवरी 2012
विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर हमला।

2012 से 2013
मई 2012
महिला बाल विकास मंत्री लता उसेंड़ी के बंगले में हमला ।
अप्रैल 2012
संसदीय सचिव महेश गागड़ा के काफिले पर हमला।
नवंबर 2012
पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा के बुलेटफ्रूफ वाहन पर हमला।
12 मई 2013
सुकमा में दूरदर्शन केंद्र पर हमला। चार जवान शहीद।












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