Exclusive- करीब आये अमर-सोनिया, इसलिये मुलायम लाल
[नवीन निगम] मुलायम सिंह यादव और कांग्रेस के बीच कैसी दोस्ती है यह तो आज कोई नहीं जानता लेकिन कांग्रेस और सपा के बीच जारी शीत युद्ध में अमर सिंह अब एक नए करेक्टर के रूप में ऊभर कर सामने आए है। अभी तक कांग्रेस बेनी प्रसाद वर्मा और अजित सिंह के माध्यम से मुलायम सिंह पर व्यक्तिगत आरोप लगाती थी और बाद में उस पर मलहम लगाने लगती थी लेकिन लगता है चुनावी साल शुरू होने के साथ ही कांग्रेस में अमर सिंह को तरजीह मिलने लगी है।
कभी अटूट मित्र रहे अमर सिंह मुलायम की कई बातों के राजदार है और कांग्रेस जानती है कि अमर सिंह की इस काबलियत का वो चुनाव में पूरा इस्तेमाल कर सकती है। यूपीए के जश्न में अमर सिंह को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ मेज पर बैठाया गया और कहीं मुलायम नाराज न हो जाए इसलिए कह दिया गया कि जिस जगह अमर सिंह बैठे थे वो जगह एंटोनी के लिए तय थी क्योंकि अमर सिंह बैठ गए थे इसलिए उनसे उठने को नहीं कहा गया।

कांग्रेस को मालूम था कि समारोह में मुलायम सिंह नहीं आएंगे शायद इसीलिए कांग्रेस ने यह चाल चली। याद करिए यह वहीं अमर सिंह है जो 2009 में बिना बुलाए कांग्रेस को सपा का समर्थन देने गए थे और उनको अंदर तक नहीं बुलाया गया। उसके बाद अमर सिंह ने कैसे-कैसे बयान दिए थे और सोनिया गांधी समेत कांग्रेस को जमकर कोसा था।
कांग्रेसी नेताओं ने हालांकि मुलायम की अनुपस्थिति को लेकर चर्चाओं को शांत करने की कोशिश की। केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा कि समारोह में किसी पार्टी के शामिल न होने का मतलब यह नहीं है कि वह संप्रग को समर्थन नहीं दे रही। अमर सिंह को लेकर जहां कांग्रेस ने राजनीति के नए जाल बुने वहीं मायावती समारोह में खुद तो शामिल नहीं हुई लेकिन उन्होंने बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा और ब्रजेश पाठक को समारोह में शिरकत करने भेजा।
दोनों नेता जनता के लिए रिपोर्ट पेश किए जाने के दौरान नहीं आए लेकिन रात्रिभोज में शामिल होने के लिए दोनों समय से पहुंचे। सपा और बसपा के बीच इस समय यूपी में बाह्मण वोट बैंक को लुभाने के लिए होड़ लगी हुई है इसी के तहत मायावती ने दोनों बाह्मण नेता पार्टी में भेजे जिससे बाह्मणों में यह संदेश जाए कि बसपा में बाह्मण नेताओं का कितना सम्मान हैं।
बसपा के दोनों नेता उसी मेज पर बैठे थे जिस पर संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, संप्रग के नेता शरद पवार एवं सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे राजद के नेता लालू प्रसाद और लोजपा नेता रामविलास पासवान बैठे थे। संप्रग का हिस्सा ना होने के बावजूद लालू प्रसाद और पासवान मंच पर मौजूद थे। बाद में यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस उनकी पार्टी को संप्रग में शामिल करेगी, लालू ने कहा, चाहे ऐसा हो या ना हो, हम उनका समर्थन करेंगे।












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