दक्षिण भारत से भाजपा का बोरिया बिस्तर सिमटा
बैंगलोर। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार के साथ भारतीय जनता पार्टी अपना बोरिया बिस्तर समेट कर हिन्दी भाषी राज्यों की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही है। अभी तक दक्षिण में सिर्फ एक मात्र राज्य कर्नाटक था, जहां भाजपा का राज था। कांग्रेस को मिली 121 सीटों ने भाजपा को स्तब्ध कर दिया है।
अगर दक्षिण के अन्य राज्यों की बात करें तो केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। वहीं तमिलनाडु में एआईएडीएमके की। हां सबसे छोटे राज्य गोवा में जरूर भाजपा का झंडा अभी लहरा रहा है। कुल मिलाकर देखा जाये तो भारतीय जनता पार्टी को अब 2014 के लोकसभा चुनाव में डबल मेहनत करनी होगी, क्योंकि अगर विधानसभा के वोट लोकसभा की सीटों को खींच लाये, तो भाजपा का अस्तित्व दक्षिण भारत से खत्म होने की कगार पर पहुंच जायेगा।

खास बात यह है कि इस समय भाजपा और जनतादल सेक्युलर दोनों को कर्नाटक में 40-40 सीटें मिली हैं देखने वाली बात यह होगी कि कौन मुख्य विपक्षी दल के रूप में सदन में बैठता है। क्योंकि उसी दल के नेता को नेता विपक्ष चुना जायेगा। जेडीएस भी मुख्य विपक्षी दल बन सकता है, ऐसी स्थिति आने पर भाजपा की नींव यहां और कमजोर पड़ जायेगी। और कमजोर नींव के साथ दोबारा से किला खड़ा करना बहुत कठिन होता है।
कुल मिलाकर देखा जाये तो भाजपा को अब मध्य प्रदेश और दिल्ली पर फोकस करना चाहिये। क्योंकि अगर मध्य प्रदेश से शिवराज सिंह चौहान के हाथ से सत्ता छिन गई, तो उस सदमे से भाजपा शायद ही कभी उबर पाये।












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